रायपुर की सड़कों पर उतरीं महापौर मीनल चौबे: प्रभावितों से कहा— “आपका संकट मेरा संकट”; लापरवाही बरतने वाले अफसरों को दी बड़ी चेतावनी….NV News

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NV News रायपुर, 50 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में पिछले कुछ घंटों से हो रही अभूतपूर्व और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालातों और जलभराव की स्थिति को देखते हुए रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे रविवार सुबह से ही खुद जमीन पर उतरीं। उन्होंने शहर के विभिन्न जलमग्न इलाकों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान जहां उन्होंने जनता का ढांढस बंधाते हुए एक बेहद भावुक अपील जारी की, वहीं आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की दोटूक चेतावनी भी दी।

इसी कड़ी में, भाजपा जिलाध्‍यक्ष रमेश ठाकुर ने भी सभी पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने सभी पार्षदों को निर्देशित किया है कि वे चौबीसों घंटे अपने-अपने वार्डों की जनता के बीच मौजूद रहें और उनकी समस्याओं को सुनकर तत्काल निराकरण का प्रयास करें।

“आपका संकट मेरा संकट है, संयम बनाए रखें”

प्रभावित बस्तियों और कॉलोनियों में घुटने तक भरे पानी के बीच पहुंचकर महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों का हौसला बढ़ाया। रायपुर वासियों की तकलीफ पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:

“शहर के कुछ हिस्सों में बेतरतीब निर्माण और नालियों के अभाव के कारण जलभराव की यह स्थिति निर्मित हुई है। जनता को हो रही इस तकलीफ से मेरा मन अत्यंत व्यथित है। महापौर होने के नाते, आपके परिवार की इस पीड़ा में मैं पूरी तरह आपके साथ खड़ी हूँ। यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि एक-दूसरे का हाथ थामने का है। आपका संकट, मेरा संकट है।”

महापौर ने रायपुर वासियों के धैर्य की सराहना करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की अपील की:

करंट से बचें: जिन गलियों या घरों में पानी भरा है, वहां लोग बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और खुले तारों से दूरी बनाकर रखें। करंट के खतरे को टालने के लिए की जा रही अस्थाई बिजली कटौती में प्रशासन का सहयोग करें।

पानी उबालकर पिएं: संक्रामक बीमारियों (डायरिया, पीलिया) से बचने के लिए सभी माताओं-बहनों से अपील है कि वे घरों में पानी को उबालकर या छानकर ही इस्तेमाल करें और क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें।

सफाई मित्रों का बढ़ाएं हौसला: हमारे सफाई कर्मचारी भाई अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नालियों और कचरे को साफ कर रहे हैं। फील्ड पर उनका विवाद न करें, बल्कि उनका हौसला बढ़ाएं।

अफसरों को दोटूक: दफ्तर छोड़ें, मोबाइल 24 घंटे रखें ऑन

आपदा की इस घड़ी में प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए महापौर ने नगर निगम कमिश्नर, समस्त जोन कमिश्नरों और इंजीनियरों के लिए कड़े और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

फील्ड पर तैनाती: समस्त जोन कमिश्नर और उनकी पूरी तकनीकी व सफाई टीम तत्काल दफ्तर छोड़ें और फील्ड पर नजर आएं। सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रहने चाहिए।

हाई-पावर सक्शन पंप: जिन कॉलोनियों और बस्तियों में पानी भरा है, वहां तुरंत हाई-पावर सक्शन पंप (De-watering Pumps) लगाकर 24 घंटे जल निकासी सुनिश्चित की जाए। नालों की ब्लॉकेज हटाने के लिए तुरंत जेसीबी (JCB) मशीनों को मौके पर भेजा जाए।

बैरिकेडिंग और दवाओं का छिड़काव: पानी में डूबे खुले मेनहोल, धंसी हुई सड़कों या खतरनाक स्थानों के आस-पास तुरंत बैरिकेडिंग या चेतावनी रिबन लगाए जाएं। जैसे ही पानी उतरे, वहां महामारी (डेंगू, मलेरिया) रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर, चूना और एंटी-लावा दवाओं का सघन छिड़काव हो।

कोताही बरतने वाले नपेंगे, होगी दंडात्मक कार्रवाई

महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि जनसेवा और आपदा प्रबंधन के इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई, लापरवाही या कोताही पूरी तरह से अक्षम्य होगी। यदि किसी भी क्षेत्र से जनता की शिकायत आने पर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, या कोई जिम्मेदार अधिकारी फील्ड से नदारद पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे कड़ी अनुशासनात्मक, विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन से की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि जब तक स्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक नगर निगम की टीम और वे खुद चैन से नहीं बैठेंगे।

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