Census 2027 – छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना; ‘डिजिटल’ कुंडली खंगालेगी सरकार, पूछे जाएंगे 33 सवाल…NV News
Share this
NV News – रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लिए जनगणना-2027 का शंखनाद हो चुका है। भावी विकास योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन के लिए राज्य में 1 मई 2026 से मकानों की सूचीकरण (House Listing) और आवास गणना का पहला चरण आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है। रायपुर नगर निगम और जिला प्रशासन ने इसके लिए अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। इस बार की जनगणना ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें जियो-टैगिंग के जरिए हर घर का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य और डेटा संकलन
इस गणना का उद्देश्य केवल जनसंख्या गिनना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। सरकार यह जानना चाहती है कि राज्य के कितने परिवारों के पास पक्का मकान है और कितने लोग आज भी पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यह डेटा आगामी दशकों के लिए सड़क, स्कूल, अस्पताल और शहरी नियोजन की आधारशिला बनेगा।
पूछे जाएंगे 33 महत्वपूर्ण सवाल
प्रगणक (Enumerators) जब आपके घर पहुंचेंगे, तो वे आपसे कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी मांगेंगे। इनमें प्रमुख हैं:
मकान की स्थिति: निर्माण सामग्री (कच्चा, पक्का), उपयोग (आवासीय या व्यवसायिक) और मालिकाना हक।
बुनियादी सुविधाएं: शुद्ध पेयजल का स्रोत, शौचालय का प्रकार, बिजली कनेक्शन और कुकिंग फ्यूल।
डिजिटल पहुंच: घर में इंटरनेट, कंप्यूटर/लैपटॉप, मोबाइल या टेलीफोन की उपलब्धता।
संपत्ति और वाहन: साइकिल, स्कूटर, कार या अन्य वाहनों का ब्योरा।
सामाजिक जानकारी: परिवार के मुखिया का विवरण और सामाजिक वर्ग (SC/ST आदि)।
पहली बार ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ और डिजिटल मोड
इस जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा है।
ऑनलाइन पोर्टल: नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच स्वयं पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं।
यूनिक आईडी: ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे 1 मई के बाद घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा।
जियो-टैगिंग: हर घर को डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन और संसाधन वितरण में सटीकता आएगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और गोपनीयता
मुख्यमंत्री और निगमायुक्त के निर्देशानुसार, रायपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों में प्रगणकों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और मकानों पर नंबर डालने का काम शुरू कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और कल्याणकारी नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
जनगणना 2027 स्वतंत्रता के बाद की 8वीं और देश की कुल 16वीं जनगणना होगी। इसके दूसरे चरण में (फरवरी 2027) व्यक्तिगत विवरण और जातिगत गणना की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी में अपना सहयोग प्रदान करें।
