AQUACULTURE PROGRESS : छत्तीसगढ़ में मछली पालन बना कमाई का बड़ा जरिया; जशपुर ने बनाया उत्पादन का नया रिकॉर्ड, हजारों किसान हुए आत्मनिर्भर!…NV News
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NV News, रायपुर: छत्तीसगढ़ में पारंपरिक कृषि के साथ-साथ अब मछली पालन (मत्स्य पालन) भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक बड़ा जरिया बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में चलाई जा रही ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ ने इस क्षेत्र में तरक्की के नए रास्ते खोल दिए हैं। आधुनिक तकनीक, बेहतर ट्रेनिंग और सरकारी सब्सिडी के बूते राज्य के हजारों मत्स्यपालक अब आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो रहे हैं।
इस योजना का सबसे शानदार असर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में देखने को मिला है, जहाँ मत्स्य उत्पादन के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। जशपुर जिले ने पिछले 22 महीनों में रिकॉर्ड 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्तम क्वालिटी के मत्स्य बीजों की सप्लाई बढ़ाने के लिए करोड़ों की संख्या में स्पॉन और मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की इनकम में भारी बढ़ोतरी हुई है।
जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 77 हेक्टेयर से ज्यादा तालाबों और करीब 295 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा ग्रामीणों को अलॉट किया गया है। योजना के तहत तालाब बनाने और बायोफ्लॉक यूनिट लगाने के लिए हितग्राहियों को 60 फीसदी तक की बंपर सब्सिडी दी जा रही है। अब तक 7 हजार से ज्यादा लोगों को नाव, जाल और मत्स्य बीमा जैसी सुविधाओं का सीधा लाभ मिल चुका है। साथ ही, किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए दूसरे राज्यों में ट्रेनिंग और एक्सपोजर विजिट पर भी भेजा जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और मजबूत दिशा मिल रही है।

