गैस एजेंसी का बड़ा फर्जीवाड़ा: बिना सिलेंडर पहुंचे दिखा दी डिलीवरी, अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद पीड़ित ने दर्ज कराई FIR!..NV News

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NV News Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से उपभोक्ताओं के अधिकारों से खिलवाड़ और धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के तारबाहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ‘विनोद गैस एजेंसी’ पर घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ताओं के नाम पर बड़ा खेल करने का आरोप लगा है। इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए शांति विहार कॉलोनी के निवासी मनीष मिश्रा ने जब अपने स्तर पर न्याय पाने की कोशिश की और थक गए, तो आखिरकार उन्हें कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पीड़ित की लिखित शिकायत के बाद तारबाहर थाना पुलिस ने गैस एजेंसी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित मनीष मिश्रा को बिना कोई सिलेंडर प्राप्त हुए ही कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड में न सिर्फ सिलेंडर की सफल डिलीवरी दिखा दी गई, बल्कि रिकॉर्ड में 1002 रुपये का भुगतान होना भी दर्ज कर दिया गया। जब उपभोक्ता को इस बात की जानकारी हुई कि उनके हक का सिलेंडर गायब है और कागजों में उसे डिलीवर बता दिया गया है, तो उनके होश उड़ गए। इस गंभीर गड़बड़ी और डिजिटल धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित ने तुरंत विनोद गैस एजेंसी और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। लेकिन, लंबे समय तक दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद जब पीड़ित को कोई ठोस न्याय या संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस की शरण लेने का फैसला किया।

तारबाहर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता मनीष मिश्रा की शिकायत पर विनोद गैस एजेंसी के प्रबंधन और जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध (FIR) दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर ब्लैक मार्केटिंग और उपभोक्ताओं के साथ की जा रही जालसाजी से जुड़ा हो सकता है, जहां रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर आम जनता के हिस्से का रसोई गैस सिलेंडर खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की आशंका है। पुलिस अब एजेंसी के पूरे डिलीवरी रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और स्टॉक की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट और इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पर्दाफाश किया जा सके।

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