गंगालूर में बारिश से आफत: उफनती नदी पार करने की मजबूरी; पुल-पुलिया न होने से जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण, बड़े हादसे की आशंका…NV News
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बीजापुर, 6 जुलाई 2026। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में मानसून की सक्रियता के साथ ही नदी-नालों ने रौद्र रूप धारण करना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले का गंगालूर क्षेत्र इस समय भारी आफत का सामना कर रहा है। क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है, जिससे अंदरूनी ग्रामीण इलाकों का संपर्क कटने लगा है। सबसे खराब स्थिति चोखनपाल से गंगालूर मार्ग की है, जहां कई महत्वपूर्ण स्थानों पर पुल-पुलियों का निर्माण न होने की वजह से ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदियों को पार करने को मजबूर हैं।
मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर के सहारे उफनती लहरों से जंग
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, चोखनपाल और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को दैनिक आवश्यकताओं, राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए गंगालूर या जिला मुख्यालय आना पड़ता है। लेकिन मार्ग में पड़ने वाले नाले इस समय उफान पर हैं।
खतरनाक सफर: बुनियादी अधोसंरचना (पुल) के अभाव में ग्रामीण घुटने से लेकर कमर तक भरे तेज बहाव वाले पानी के बीच से गुजर रहे हैं। लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, तो कहीं मोटरसाइकिल को कंधों या ट्रैक्टर के सहारे किसी तरह उफनती लहरों के बीच से पार निकाल रहे हैं। जरा सी चूक यहां किसी बड़े और गंभीर हादसे को आमंत्रण दे सकती है।
प्रशासन से पुल निर्माण की गुहार, मंडरा रहा हादसे का खतरा
वनांचल क्षेत्रों में इस तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की तस्वीरें हर साल मानसून में सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मार्ग पर बारहमासी पुल और पुलिया निर्माण की मांग कई बार की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्षेत्र में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात किया जाए और जलस्तर अधिक होने पर ग्रामीणों को नाला पार करने से कड़ाई से रोका जाए।

