मेटापाल गांव 3 दिनों से ‘ब्लैकआउट’: बिजली, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट पूरी तरह ठप; अस्पताल और छात्रावासों में बढ़ी आफत….NV News
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दंतेवाड़ा, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिला मुख्यालय से महज 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम मेटापाल पिछले तीन दिनों से पूरी तरह से ‘ब्लैकआउट’ (अंधेरे) में डूबा हुआ है। गांव में बिजली आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से ठप हो चुकी हैं। आधुनिक युग में इन बुनियादी सुविधाओं के एक साथ बंद हो जाने से पूरे गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
शासकीय संस्थानों, अस्पताल और छात्रावासों में बढ़ी आफत
बिजली और नेटवर्क न होने का सबसे गंभीर असर गांव में स्थित आवश्यक और शासकीय संस्थानों पर पड़ रहा है।
अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित: मेटापाल के स्थानीय अस्पताल में बिजली न होने से मरीजों के इलाज और जरूरी दवाओं व टीकों को सुरक्षित रखने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आश्रम-छात्रावासों में बच्चे परेशान: गांव में संचालित आश्रम और शासकीय छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। उमस और अंधेरे के कारण बच्चे रात-रात भर जागने को मजबूर हैं।
शासकीय कार्य ठप: इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क गायब होने के कारण पंचायतों और अन्य सरकारी कार्यालयों में ऑनलाइन व डिजिटल कामकाज पूरी तरह से बंद पड़ा है।
जल संकट ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत
बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग: लगातार तीन दिनों से बिजली गुल रहने के कारण गांव में स्थापित नल-जल योजना और वाटर पंप पूरी तरह बंद हो गए हैं। इसके चलते गांव में पेयजल (पीने के पानी) की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। ग्रामीण इस भीषण गर्मी और उमस के बीच पीने और निस्तारी के पानी के लिए हैंडपंपों और पारंपरिक कुओं पर निर्भर हो गए हैं, जहां सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
प्रशासन और विभाग की सुस्ती से नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिला मुख्यालय के इतने नजदीक होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग (बिजली कंपनी और टेलीकॉम ऑपरेटर्स) इस गंभीर समस्या की सुध नहीं ले रहे हैं। मानसून के इस मौसम में बिजली की लाइन में आए किसी तकनीकी फॉल्ट या पेड़ गिरने के कारण यह समस्या उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी इसे सुधारा नहीं जा सका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द मेटापाल गांव में बिजली और मोबाइल नेटवर्क बहाल कराया जाए, ताकि लोगों को इस भीषण आफत से राहत मिल सके।

