CM विष्णुदेव साय की हाईलेवल मीटिंग: छत्तीसगढ़ में कम बारिश की चुनौती से निपटने मास्टर प्लान तैयार; अब ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार…NV News
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रायपुर, 3 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में खरीफ सीजन-2026 के मद्देनजर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्य में मानसून की बेरुखी और संभावित अल्प वर्षा (कम बारिश) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और ‘विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना’ की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कम बारिश की हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। किसानों के हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं और उन्हें खाद, बीज, पानी या तकनीकी मार्गदर्शन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
दिल्ली से बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ को मिली 46 हजार टन अतिरिक्त DAP
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त खाद की मांग की थी।
बंपर आपूर्ति: केंद्र सरकार ने राज्य की मांग को स्वीकार करते हुए 46 हजार टन से अधिक अतिरिक्त डीएपी (DAP) की आपूर्ति छत्तीसगढ़ को जारी कर दी है।
कालाबाजारी पर रोक: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि अमानक बीज-खाद की बिक्री और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक केस दर्ज किए जाएं। किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कम पानी में पकने वाले धान और वैज्ञानिक खेती पर जोर
संभावित सूखे या कम बारिश के प्रभाव को कम करने के लिए कृषि विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं:
शॉर्ट टर्म वैरायटी: किसानों को कम और मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों को लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके बीज ‘बीज निगम’ के पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
आधुनिक तकनीक: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR – सीधी बुवाई) और कतार पद्धति से बुवाई के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा।
फसल विविधीकरण: ऊंचे या ढलान वाले क्षेत्रों में धान के बदले दलहन (दालें) और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने को कहा गया है ताकि कृषि जोखिम को कम किया जा सके।
‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान और मोबाइल एप से सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने की बात कही। उन्होंने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरचनाओं, खेत तालाबों (डबरी) के निर्माण और भूजल संवर्धन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आकाशीय बिजली (गाज) और मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए केंद्र सरकार द्वारा विकसित मोबाइल ऐप्स का जमीनी स्तर पर प्रचार करने को कहा गया है:
‘सचेत’ (Sachet App): आपातकालीन आपदा अलर्ट के लिए।
‘दामिनी’ (Damini App): बिजली गिरने की सटीक और समय पूर्व चेतावनी के लिए।
‘मेघदूत’ (Meghdoot App): किसानों के लिए मौसम और खेती से जुड़ी जरूरी सलाह के लिए।
ग्रामीणों के लिए वरदान बनेगी ‘वीबी-जी राम जी योजना’
समीक्षा बैठक में ग्रामीण रोजगार को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की प्रगति साझा की गई। 1 जुलाई 2026 से राज्य में ‘विकसित भारत-वीबी-जी राम जी योजना’ का मैदानी क्रियान्वयन शुरू हो चुका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया संबल देगी।
पीढ़ियों की सुरक्षा का आधार: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना के जरिए एक तरफ ग्रामीणों को विपरीत मौसम में भी निरंतर रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ जल संरचनाएं मजबूत होने से गांवों की जल सुरक्षा हमेशा के लिए सुनिश्चित हो जाएगी।l
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, कृषि संचालक राहुल देव, योजना के आयुक्त श्री तारणप्रकाश सिन्हा, मौसम वैज्ञानिक गायत्री वानी और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक श्री विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

