आवारा कुत्तों का आतंक; अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की किल्लत, नगर पालिका की उदासीनता पर उठे सवाल…NV News
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NV News 25 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में इन दिनों आवारा और घुमंतू कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम नागरिकों का घर से बाहर निकलना और सड़कों पर चलना दुभर हो गया है। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर अंदरूनी गली-मोहल्लों तक आवारा कुत्तों के झुंड हर समय मंडराते देखे जा सकते हैं, जो आए दिन राहगीरों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की भारी किल्लत
एक तरफ जहाँ जिले में डॉग बाइट (Dog Bite) के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) की भारी कमी बनी हुई है।
स्वास्थ्य संकट:
कुत्ता काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुँच रहे पीड़ितों को वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण दर-दर भटकना पड़ रहा है या फिर मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर इंजेक्शन खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद घातक साबित हो रही है।
नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
शहर में कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका द्वारा न तो नसबंदी (Sterilization) का अभियान चलाया जा रहा है और न ही आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता के कारण किसी दिन बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है। आम लोगों ने शासन से जल्द से जल्द अस्पतालों में पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति और आवारा कुत्तों से मुक्ति दिलाने की मांग की है।

