Public Outrage – गैस सिलेंडर की किल्लत पर फूटा गुस्सा: खाली टंकी लेकर सड़क पर उतरे लोग..NV News
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NV News – आरंग। छत्तीसगढ़ के आरंग में घरेलू गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं के सब्र का बांध शनिवार को टूट गया। गैस एजेंसी के चक्कर काट-काटकर थक चुके लगभग 250 से अधिक लोगों ने खाली सिलेंडर सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से उन्हें गैस की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे उनके घरों में चूल्हे जलना बंद हो गए हैं। हंगामे की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।
एजेंसी की मनमानी और घंटों इंतज़ार से भड़के उपभोक्ता
आरंग स्थित गैस एजेंसी के सामने शनिवार सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह 5 बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन घंटों इंतज़ार के बाद जब एजेंसी की ओर से स्टॉक खत्म होने की बात कही गई, तो लोग भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने आरंग मुख्य मार्ग पर खाली सिलेंडर रखकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक दखल के बाद सुलझा मामला
विरोध प्रदर्शन उग्र होते देख नायब तहसीलदार और आरंग थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालक को तलब किया और सप्लाई में हो रही देरी का कारण पूछा। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि गैस की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी उपभोक्ता को खाली हाथ नहीं लौटने दिया जाएगा। नायब तहसीलदार की मध्यस्थता और एजेंसी संचालक द्वारा जल्द सिलेंडर वितरण के वादे के बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया।
कालाबाजारी की आशंका, जांच की मांग
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है। लोगों ने आशंका जताई कि घरेलू सिलेंडरों को व्यवसायिक उपयोग के लिए होटल और ढाबों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जा रहा है, जिसके कारण आम उपभोक्ताओं को महीनों इंतज़ार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित जांच करने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल आरंग में स्थिति सामान्य है, लेकिन गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति अभी भी प्रशासन के लिए एक चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न किया जाए, अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
