रेलवे कोर्ट का बड़ा फैसला: पर्सनल आईडी से ई-टिकट बेचने वाला च्वाइस सेंटर संचालक दोषी, लगा जुर्माना…NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और अवैध कारोबार पर लगाम कसते हुए विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट अदालत ने एक कड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपनी पर्सनल यूजर आईडी (Personal User ID) का गलत इस्तेमाल कर व्यावसायिक रूप से ई-टिकटों को ऊंचे दामों पर बेचने वाले एक च्वाइस सेंटर संचालक विनय कुमार केंट को अदालत ने दोषी करार दिया है।

विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट शंकर कश्यप की अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की। आरोपी द्वारा कोर्ट के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार किए जाने के बाद, अदालत ने उसे रेलवे अधिनियम (Railway Act) की धारा 143 के तहत 5,000 रुपये के नकद अर्थदंड (जुर्माना) से दंडित किया है।

क्या है पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई?

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एंटी-क्राइम विंग लगातार ई-टिकटों की अवैध दलाली और कालाबाजारी करने वालों पर नजर रख रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर क्षेत्र के च्वाइस सेंटर संचालक विनय कुमार केंट को पकड़ा गया था।

नियमों का उल्लंघन: आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत (पर्सनल) यूजर आईडी से केवल अपने या अपने परिवार के सदस्यों के लिए ही टिकट बुक कर सकता है। इसका कमर्शियल यानी व्यावसायिक इस्तेमाल कर आम जनता से एक्स्ट्रा चार्ज वसूलना पूरी तरह गैरकानूनी है।

रेलवे अधिनियम की धारा 143: आरोपी च्वाइस सेंटर की आड़ में ग्राहकों से मोटी रकम लेकर अपनी पर्सनल आईडी से ई-टिकट बुक कर बेच रहा था। आरपीएफ की जांच में दोषी पाए जाने के बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां रेलवे एक्ट की धारा 143 (अवैध रूप से टिकट खरीदने और बेचने का अपराध) के तहत यह सजा सुनाई गई।

यात्रियों के लिए रेलवे की अपील: दलालों से बचें

अधिकृत एजेंटों से ही लें टिकट: रेलवे प्रशासन और आरपीएफ ने आम यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी किसी अनधिकृत व्यक्ति या पर्सनल आईडी से टिकट बेचने वाले च्वाइस सेंटरों से टिकट न खरीदें। ऐसा करने पर आपकी टिकट ब्लॉक या कैंसिल हो सकती है, जिससे यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हमेशा आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत (Authorized) एजेंटों के माध्यम से ही ई-टिकट बुक कराएं।

अदालत के इस फैसले के बाद बिलासपुर और आस-पास के क्षेत्रों में पर्सनल आईडी के जरिए रेलवे टिकटों का अवैध धंधा करने वाले अन्य एजेंटों और च्वाइस सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया है। रेलवे पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी छापेमारी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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