New Life: कभी बंदूक थामी, अब रोजगार से बदल रही जिंदगी NV News
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NV News – छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की जिंदगी अब नई दिशा की ओर बढ़ रही है। जो लोग कभी बंदूक उठाए हुए थे, वे अब रोजगार और स्वरोजगार के जरिए मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और काम के अवसर दिए जा रहे हैं।
राज्य में चल रही योजनाओं के तहत सरेंडर करने वाले युवाओं को कृषि, छोटे व्यवसाय और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कई जिलों में इन्हें स्किल ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और वे समाज में नई पहचान बना सकें।
कांकेर और बस्तर जैसे क्षेत्रों में यह पहल तेजी से असर दिखा रही है, जहां पहले नक्सल प्रभाव ज्यादा था। अब वहां रोजगार आधारित गतिविधियों के जरिए बदलाव नजर आ रहा है और कई पूर्व माओवादी सामान्य जीवन जीते हुए परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल न केवल हिंसा को कम करने में मदद कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की नींव भी मजबूत कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
