राष्ट्रीय जनजातीय समागम: जनजातीय समाज दुनिया को दिखा सकता है टिकाऊ विकास का रास्ता – CM विष्णुदेव साय…NV News

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NV News- देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का एक बेहद विराट और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष (गौरव दिवस) के उपलक्ष्य में आयोजित ‘राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम’ में देशभर से हजारों की संख्या में जनजातीय प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और पारंपरिक समुदाय एक मंच पर एकजुट हुए।

जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति द्वारा आयोजित इस गौरवशाली कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के जनजातीय गौरव के लिए विशेष महत्व दिया।

प्रकृति और पर्यावरण का रक्षक है जनजातीय समाज: मुख्यमंत्री साय

समागम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय संस्कृति की महत्ता और आधुनिक वैश्विक समस्याओं के समाधान में उनकी भूमिका पर विशेष जोर दिया:

टिकाऊ विकास (Sustainable Development) का मॉडल: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब हमारा जनजातीय समाज विश्व को ‘टिकाऊ विकास’ का सच्चा और व्यावहारिक रास्ता दिखा सकता है। जनजातीय समुदायों का जीवन हमेशा से प्रकृति के साथ संतुलन और सह-अस्तित्व का रहा है।

परंपरा और आधुनिकता का मेल: उन्होंने रेखांकित किया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखा है। यदि आधुनिक समाज उनके पारंपरिक ज्ञान और जीवन शैली को अपनाए, तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।

लाल किला मैदान में सांस्कृतिक गौरव का महासंगम

इस राष्ट्रीय समागम का उद्देश्य जनजातीय समाज की सुरक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागृति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करना था:

अमित शाह की मौजूदगी: मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जनजातीय नायकों के बलिदान और देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही ‘पीएम जनमन योजना’ जैसी ऐतिहासिक पहलों का जिक्र किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में विष्णुदेव साय (जो स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं) की इस मंच पर मौजूदगी ने देश के नक्शे पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय विकास मॉडल को मजबूती से प्रस्तुत किया। इस भव्य आयोजन ने न केवल भगवान बिरसा मुंडा के संदेशों को पुनर्जीवित किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज की अग्रणी भूमिका को भी रेखांकित किया।

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