सूरजपुर जिले के 500 स्कूलों में बैगलेस डे पर अनोखी पहल; पोषण वाटिका, न्योता भोजन और पौधारोपण का बना संगम…NV News
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NV News 26 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में स्कूलों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर पोषण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने की दिशा में सूरजपुर जिले ने ऐतिहासिक मिसाल पेश की है। जिले के लगभग 500 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में ‘बैगलेस डे’ के अवसर पर एक साथ पोषण वाटिका निर्माण, न्योता भोजन और पौधारोपण का आयोजन किया गया।
इस अनूठी पहल में विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
मध्याह्न भोजन को मिलेगी ताजी और जैविक सब्जियां
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के तहत स्कूल परिसरों में सेमी, लौकी, बरबट्टी, खीरा और तरोई जैसी मौसमी हरी सब्जियों के पौधे लगाए गए।
नवाचार का उद्देश्य:
इन पोषण वाटिकाओं में उगने वाली ताजी और जैविक सब्जियों का उपयोग सीधे ‘प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना’ के तहत मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) में किया जाएगा। इससे बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिलेगी और उनमें प्राकृतिक खेती तथा जैविक कृषि के प्रति व्यावहारिक समझ विकसित होगी।
‘न्योता भोजन’ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बैगलेस डे के दौरान कई स्कूलों में “न्योता भोजन” का आयोजन हुआ, जिसमें समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बच्चों को फल, मिठाइयाँ और पौष्टिक भोजन कराया। इसके साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत स्कूल परिसरों में छायादार व फलदार पौधे रोपकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी लता बेक ने बताया कि बैगलेस डे बच्चों को जीवनोपयोगी कौशल, सामुदायिक सहयोग और प्रकृति से जुड़ाव सिखाने का एक सशक्त माध्यम है। सूरजपुर का यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।

