Gen Next Dialogue: मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से कहा- बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और मेहनत से बनाएं विकसित भारत….NV News
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NV News रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और देश को विकसित एवं सशक्त बनाने में युवा शक्ति की सबसे बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से अपनी रुचि पहचानकर लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने और पूरी मेहनत व समर्पण के साथ अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के सड्डू में आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद-यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। युवाओं ने उनसे उनके जीवन संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, रोजगार, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण जैसे विषयों पर सवाल किए। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान बढ़ी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से स्वच्छता का आह्वान किए जाने के समय इस पहल पर सवाल भी उठे थे, लेकिन आज स्वच्छता जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय बनने से महिलाओं के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन घटनाओं ने दुनिया को भारत की क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है। आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया सिंगापुर दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि चार दिन के प्रवास के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।
बचपन की यादें साझा कर बताया- बदल गया शिक्षा का परिदृश्य
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे जशपुर के बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे, तब उनके स्कूल में पांचवीं बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था नहीं थी। परीक्षा देने के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था और वहां पांच दिनों तक रुकना पड़ता था। उस समय स्कूल भवन भी कच्चे होते थे और बारिश में छत से पानी टपकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के कई संस्थान उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्तमान में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
सरपंच बनने की भी नहीं सोची थी, मुख्यमंत्री तक पहुंचा सफर
बीबीए छात्र अश्मित शिंदे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्षों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वे जशपुर के छोटे से गांव बगिया में पले-बढ़े। करीब 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार में सबसे बड़े भाई होने के कारण छोटी उम्र में ही मां, दादी और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे गांव के सरपंच भी बनेंगे। लेकिन सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।
उन्होंने युवाओं से ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया। अच्छे उद्देश्य और पूरी निष्ठा से काम करने पर सफलता का रास्ता खुलता है।
समय की कीमत समझें और रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करें
छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन के मूल मंत्र के बारे में पूछा। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। विद्यार्थियों के लिए वर्तमान समय पढ़ाई और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है।
उन्होंने कहा कि सपने व्यक्ति को मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। युवाओं को अपनी रुचि पहचानकर उसी के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ प्रयास करना चाहिए।
‘जल है तो कल है’, युवाओं से जल संरक्षण की अपील
कक्षा नौवीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने पूछा कि विद्यार्थी जल संरक्षण में किस तरह योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल है तो कल है’ और लगातार गिरता जलस्तर पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार के ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में लागू 5 प्रतिशत मॉडल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार इस मॉडल से जल संरक्षण के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिले हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ‘मन की बात’ में इसका उल्लेख कर चुके हैं। राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण की दिशा में हो रहे कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं से घर, स्कूल और समाज में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए प्रदेश की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के लिए वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर जोर
छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है। पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं, जहां स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों और युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
युवाओं के साथ भक्ति गीतों का आनंद, प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा मौजूद रहे।

