Cyber Crime – रायगढ़ पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए 1.11 करोड़ की महाठगी; 26 गिरफ्तार, देशभर के 7,693 लोग बने शिकार…NV News
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NV News – रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की साइबर सेल और पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी मैट्रिमोनियल (शादी) वेबसाइट और कॉल सेंटर के जरिए भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने इस मामले में कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में जो खुलासा हुआ है वह चौंकाने वाला है—इस गिरोह ने अब तक देशभर के 7,693 लोगों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की है।
कैसे चलता था ठगी का ‘गोरखधंधा’?
रायगढ़ एसपी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने ठगों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) को उजागर किया है:
फेक प्रोफाइल: गिरोह ने लोकप्रिय मैट्रिमोनियल साइट्स जैसी दिखने वाली अपनी फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। वहां आकर्षक युवक-युवतियों की फेक प्रोफाइल डाली जाती थी।
कॉल सेंटर का जाल: गिरोह ने बाकायदा एक कॉल सेंटर खोल रखा था, जहाँ लड़कियां फोन कर लोगों को शादी के अच्छे प्रस्तावों का झांसा देती थीं।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली: प्रोफाइल मैच होने और बातचीत आगे बढ़ाने के नाम पर ‘रजिस्ट्रेशन फीस’, ‘प्रीमियम मेंबरशिप’ और ‘प्रोफाइल वेरिफिकेशन’ के बहाने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।
बड़ा डेटाबेस: आरोपियों के पास हजारों लोगों का डेटा मिला है, जिनसे वे संपर्क करने की तैयारी में थे।
रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
एक पीड़ित की शिकायत के बाद रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर गिरोह का पीछा किया।
गिरफ्तारी: पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड सहित 26 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
जब्ती: आरोपियों के पास से भारी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और ठगी की रकम के बैंक खातों का विवरण मिला है।
नेटवर्क: इस गिरोह के तार दिल्ली, यूपी और अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की संभावना है।
सावधानी ही बचाव है
रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन जीवनसाथी तलाशते समय बेहद सतर्क रहें:
वेबसाइट की प्रामाणिकता जांचें: किसी भी अंजान मैट्रिमोनियल साइट पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
पैसों की मांग पर सतर्क हों: कोई भी प्रतिष्ठित साइट शादी तय कराने के नाम पर इस तरह से निजी खातों में पैसे नहीं मांगती।
मुलाकात जरूरी: बिना व्यक्तिगत रूप से मिले और परिवार की जांच किए किसी भी ऑनलाइन प्रोफाइल पर भरोसा न करें।
रायगढ़ की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की साइबर सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
