दुनिया का सबसे महंगा ‘मियाज़ाकी’ आम, क्या जापान की यह तकनीक बदलेगी बस्तरिया किसानों की तकदीर?…NV News
Share this
NV News- छत्तीसगढ़ का आदिवासी बहुल क्षेत्र बस्तर अब पारंपरिक कृषि के दायरे से बाहर निकलकर वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बनाने की राह पर है। धान, मक्का और कोदो-कुटकी जैसी फसलों के लिए मशहूर बस्तर की लाल मिट्टी में अब दुनिया का सबसे महंगा आम, जापान का ‘मियाज़ाकी’ फलने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकने वाले इस शाही आम की दस्तक ने कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के बीच भारी उत्सुकता और उत्साह पैदा कर दिया है।
प्रकृति के वरदान और बस्तर के अनुकूल मौसम के कारण मियाज़ाकी आम की यह शुरुआती पैदावार बेहद सकारात्मक रही है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इस कीमती आम की खेती को बस्तर में बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। यह न केवल बस्तर के किसानों के लिए आय का एक अभूतपूर्व और नया जरिया बनेगा, बल्कि क्षेत्र के कृषि पैटर्न को भी पूरी तरह से अपग्रेड कर देगा।
हालांकि, इस बड़ी सफलता के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बेशकीमती फसल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए हमारे पास जरूरी कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था तैयार है? बस्तर के इस ‘लाल सोने’ को वैश्विक बाजार का सही दाम दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन को अभी से एक मजबूत और प्रभावी रणनीति तैयार करनी होगी, ताकि किसानों की मेहनत का उन्हें सही मुनाफा मिल सके।

