वेदांता प्लांट हादसा: भारी जनाक्रोश के बाद प्रबंधन झुका; मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी का वादा…NV News
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सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट (पूर्व में आरकेएम पावरजेन) में हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद उपजे भारी तनाव और परिजनों के प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। प्लांट प्रबंधन, जिला प्रशासन और पीड़ित परिवारों के बीच हुई मैराथन चर्चा के बाद मुआवजे की राशि पर सहमति बन गई है। कंपनी ने घोषणा की है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को 35 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, परिवार के एक पात्र आश्रित सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी भी प्रदान की जाएगी।
ज्ञात हो कि बॉयलर फटने से अब तक 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद से ही प्लांट परिसर में माहौल गरमाया हुआ था। ग्रामीण और परिजनों ने शवों को उठाने से इनकार कर दिया था और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ भारी मुआवजे की मांग कर रहे थे। स्थिति को बिगड़ते देख प्रशासन ने मध्यस्थता की, जिसके बाद यह समझौता हुआ। कंपनी द्वारा दिए जाने वाले इस 35 लाख रुपये के पैकेज में अनुग्रह राशि और बीमा की रकम शामिल होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले ही घोषित की गई आर्थिक मदद (क्रमशः राज्य और केंद्र सरकार की ओर से) इस राशि के अतिरिक्त होगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस समझौते की शर्तों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी कंपनी ही उठाएगी। हालांकि, मुआवजे पर सहमति बनने के बावजूद क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम अभी भी प्लांट के भीतर हादसे की बारीक जाँच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।
