राशन दुकानों में अब अंगूठे से ही मिलेगा अनाज, 5 प्रतिशत से अधिक ओटीपी से राशन बांटा तो डीलर पर होगी कार्रवाई…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले राशन के वितरण में पूरी पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भटगांव सहित पूरे प्रदेश के नए नियमों के मुताबिक, अब सभी पात्र हितग्राहियों को सरकारी राशन प्राप्त करने के लिए उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा, यानी अंगूठा लगाना होगा। सरकार का यह कदम उन शिकायतों के बाद आया है जिनमें बायोमेट्रिक मशीन खराब होने या नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर बड़े पैमाने पर राशन की हेराफेरी की जा रही थी।
नए सरकारी आदेश के तहत मोबाइल ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए राशन वितरण की सीमा को बेहद सीमित कर दिया गया है। यदि कोई राशन दुकान संचालक (डीलर) कुल आवंटित राशन का 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ओटीपी के माध्यम से वितरित करता है, तो उस पर विभाग की गाज गिरना तय है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ठोस तकनीकी कारण के ओटीपी का सहारा लेने वाले डीलरों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कड़े नियम का मुख्य उद्देश्य उन बिचौलियों और दुकानदारों पर नकेल कसना है, जो कार्डधारकों की अनुपस्थिति में फर्जी तरीके से राशन का उठाव कर लेते थे।
इस नए नियम के लागू होने से जहां एक ओर सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर वास्तविक और गरीब हितग्राहियों तक उनका हक शत-प्रतिशत पहुंच सकेगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को अपनी पोस (e-PoS) मशीनों और इंटरनेट कनेक्टिविटी को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। बुजुर्गों, बीमारों या ऐसे हितग्राहियों जिनके अंगूठे के निशान मैच नहीं होते, उनके लिए विशेष गाइडलाइन के तहत ही सीमित छूट मिलेगी। सरकार के इस सख्त फैसले से राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

