छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: केडिया डिस्टिलरी का VP गिरफ्तार, 183 करोड़ के ‘फर्जीवाड़े का गणित’ आया सामने…NV News
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NV News- शराब घोटाला अपडेट: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केडिया डिस्टिलरी के वाइस प्रेसिडेंट (VP) को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान प्लेसमेंट कंपनी के नाम पर करीब 34 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। यह गिरफ्तारी उस सिंडिकेट पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसने राज्य के आबकारी विभाग में फर्जीवाड़े का एक जाल बुन रखा था। ईओडब्ल्यू की जांच में अब घोटाले की नई परतें खुल रही हैं, जिसमें सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई है।
जांच में फर्जीवाड़े का एक अनोखा ‘गणित’ सामने आया है, जिससे पता चला कि आबकारी विभाग में कुल 182.98 करोड़ रुपये का ओवरटाइम, बोनस और हॉलीडे-पे घोटाला हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की शराब दुकानों में कार्यरत लगभग 3000 कर्मचारियों के नाम पर प्रतिदिन चार-चार घंटे का फर्जी ओवरटाइम (Overtime) दर्ज किया गया। पिछले चार वर्षों के दौरान इन कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के नाम पर सरकार से 101.20 करोड़ रुपये जारी कराए गए, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह मोटी रकम उन गरीब कर्मचारियों की जेब तक कभी पहुंची ही नहीं।
इस घोटाले को अंजाम देने वाले सिंडिकेट ने सरकारी राशि का आपस में ‘बंदरबांट’ कर लिया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ईओडब्ल्यू अब उन रसूखदारों और अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जो इस 183 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में हिस्सेदार थे। प्लेसमेंट कंपनियों के जरिए हुए इस भ्रष्टाचार ने विभाग की पूरी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, केडिया डिस्टिलरी के वीपी से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े रसूखदारों की गिरफ्तारी हो सकती है।

