इतिहास रचने की तैयारी: आजादी के 78 साल बाद इन 10 गांवों में पहुंचेगी बिजली, सुशासन तिहार में ग्रामीणों को मिली बड़ी सौगात…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के इतिहास में सुशासन तिहार-2026 एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के अथक व संयुक्त प्रयासों से जिले के 10 ऐसे सुदूर और वनांचल क्षेत्र के मजराटोलों के विद्युतीकरण (बिजली विस्तार) को अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है, जो देश की आजादी के 78 वर्षों बाद भी बुनियादी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से पूरी तरह वंचित थे। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से पीढ़ियों से अंधेरे में जीवन बसर कर रहे स्थानीय ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं और पूरे वनांचल क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इन दूरस्थ बसाहटों को रोशन करने का काम सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना’ के तहत युद्धस्तर पर किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अब इन सभी चिन्हित गांवों में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर का मजबूत नेटवर्क बिछाया जाएगा। दशकों से ढिबरी (मिट्टी तेल के दीये) और लालटेन की रोशनी के भरोसे रात काटने वाले इन आदिवासी और ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्रों में बिजली पहुंचने से स्थानीय बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और दैनिक जीवन के तौर-तरीकों में एक क्रांतिकारी और बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
गौरतलब है कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कई अंदरूनी इलाके अपनी भौगोलिक विषमताओं और घने जंगलों के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे। सुशासन तिहार के मंच से इस बड़ी सौगात की घोषणा होने के बाद ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि बजट और कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया गया है, और जल्द ही मैदानी स्तर पर काम शुरू कर तय समय-सीमा के भीतर हर घर को बिजली के कनेक्शन से जोड़ दिया जाएगा।

