खौफ का साया: जगदलपुर केंद्रीय जेल में 10 दिनों के भीतर तीसरी मौत, जेल प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल….NV News
Share this
NV News- Jagdalpur Central Jail Prisoner Death Case: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के जगदलपुर केंद्रीय जेल (Central Jail Jagdalpur) से एक बेहद चौंकाने वाली और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। जेल के भीतर बंदियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को लेकर किए जाने वाले प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई है। महज 10 दिनों के भीतर जेल में बंद तीसरे बंदी (कैदी) की मौत का एक और नया मामला प्रकाश में आया है। लगातार हो रही इन रहस्यमयी और आकस्मिक मौतों ने जेल मुख्यालय, कलेक्टोरेट प्रशासन और जेल प्रबंधन की पूरी कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कैदियों की लगातार मौत के बाद जेल की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रहरियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
BNS की धारा 64(1) के तहत सजा काट रहे सुधु कश्यप की इलाज के दौरान मौत
जेल सूत्रों और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतक बंदी की पहचान सुधु कश्यप के रूप में हुई है। सुधु कश्यप एक सजायाफ्ता कैदी था, जिसे अक्टूबर 2025 में न्यायालय द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) के तहत दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई गई थी। बताया जा रहा है कि जेल परिसर के भीतर अचानक सुधु कश्यप की तबीयत बेहद बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में जेल अस्पताल और फिर वहां से जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
कलेक्टोरेट और मानवाधिकार आयोग स्तर पर न्यायिक जांच की मांग
एक ही जेल में 10 दिन के भीतर बैक-टू-बैक तीन कैदियों की मौत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन और जवाबदेही नीति के क्रियान्वयन पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस घटना के बाद मृतक कैदी के परिजनों और स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कलेक्टोरेट और जिला प्रशासन जगदलपुर द्वारा इस पूरे मामले में मजिस्ट्रेट जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दिए जाने की संभावना है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि जेल के भीतर कैदियों को समय पर बुनियादी चिकित्सा और दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण ऐसी गंभीर स्थितियां निर्मित हो रही हैं। जेल डीआईजी और वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम मामले की आंतरिक जांच के लिए जल्द ही जगदलपुर जेल का दौरा कर सकती है।

