जनआक्रोश: 68 गांवों के ग्रामीणों ने अंतागढ़ में किया चक्काजाम, भानुप्रतापपुर-नारायणपुर मार्ग ठप; सांसद-विधायक के खिलाफ नाराजगी…NV News
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NV News- भानुप्रतापपुर/अंतागढ़। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से इस वक्त आंदोलन की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कोयलीबेड़ा क्षेत्र में पिछले 6 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे 18 पंचायतों के 68 गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा आज मंगलवार (2 जून 2026) को फूट पड़ा। आंदोलन के 7वें दिन भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या सुनवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अंतागढ़ में मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। इस उग्र प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भानुप्रतापपुर से नारायणपुर मार्ग पर पूरी तरह से आवागमन ठप हो गया है।
ग्रामीणों के इस अचानक चक्काजाम से इलाके में हड़कंप मच गया है। भीषण गर्मी के बीच यात्री बसें, मालवाहक गाड़ियां और राहगीर बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों में क्षेत्र के सांसद और विधायक के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे आंदोलन और बुनियादी मांगों के बावजूद अब तक क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं पहुंचे हैं, जिससे ग्रामीणों में उपेक्षा की भावना और गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है।
क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, ग्रामीणों की इन 10 सूत्रीय मांगों में मुख्य रूप से वनाधिकार पट्टे, क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने, पुल-पुलियों के निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार व बुनियादी ढांचे के विकास जैसी जरूरी मांगें शामिल हैं। चक्काजाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारी लगातार आंदोलनकारियों को समझाने-बुझाने और चक्काजाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मौके पर ही ठोस आश्वासन चाहते हैं।

