PMGSY सड़क निर्माण में लापरवाही: विधायक रायमुनी भगत ने बीच रास्ते रोका काफिला, घटिया काम देख अफसरों को जमकर लताड़ा…NV News

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छत्तीसगढ़ के जशपुर क्षेत्र की विधायक रायमुनी भगत ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुँचीं विधायक ने जब निर्माण की गुणवत्ता देखी, तो उनका पारा चढ़ गया। विधायक ने मौके पर ही काम रुकवाकर निर्माण सामग्री की जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के पैसों की बर्बादी और घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने पाया कि सड़क की मोटाई और डामरीकरण के मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रतिनिधियों के पास विधायक के सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था। रायमुनी भगत ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कागजों पर विकास दिखाने के बजाय जमीन पर गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ, तो न केवल भुगतान रोका जाएगा, बल्कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की अनुशंसा भी की जाएगी।

ग्रामीणों ने भी विधायक से शिकायत की थी कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रहा मटेरियल बेहद घटिया दर्जे का है, जिससे सड़क बनने के कुछ दिनों बाद ही उखड़ने लगी है। विधायक ने मौके से ही उच्च अधिकारियों को फोन कर पूरी रिपोर्ट तलब की और लैब टेस्टिंग के लिए सैंपल भेजने के निर्देश दिए। विधायक के इस कड़े तेवर से विभाग में हड़कंप मच गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार की मंशा दूरस्थ गांवों तक पक्की और मजबूत सड़कें पहुँचाने की है, जिसे चंद लापरवाह अफसर और ठेकेदार पलीता लगा रहे हैं।

विधायक रायमुनी भगत के इस एक्शन की सोशल मीडिया और स्थानीय जनता के बीच काफी प्रशंसा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्यों में ‘कमीशनखोरी’ और ‘लापरवाही’ के लिए कोई जगह नहीं है। विधायक ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। अब देखना होगा कि विधायक की इस फटकार के बाद PMGSY के अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में कितना सुधार लाते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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