सबसे अमीर मंदिर, सबसे गरीब पुजारी! मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों का मानदेय ‘न्यूनतम मजदूरी’ से भी कम, दाने-दाने को मोहताज परिवार….NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ के सबसे धनी मंदिरों में शुमार डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर के पुजारियों की माली हालत को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मंदिर ट्रस्ट के पास करोड़ों का खजाना और बेशकीमती संपत्तियां होने के बावजूद, यहाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सेवा दे रहे पुजारियों को मिलने वाला मानदेय सरकार द्वारा निर्धारित ‘न्यूनतम मजदूरी’ से भी काफी कम है। महंगाई के इस दौर में मात्र चंद रुपयों में घर चलाना पुजारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे उनके परिवारों के सामने पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

पुजारियों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ मां की सेवा कर रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट प्रशासन उनकी मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रहा है। करोड़ों का चढ़ावा और भव्य आयोजनों के बीच पुजारियों के वेतन में वृद्धि न होना ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई पुजारियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वर्तमान मानदेय में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का खर्च उठाना नामुमकिन हो गया है। इस भेदभावपूर्ण स्थिति को लेकर अब स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यह मामला तब और भी गंभीर हो जाता है जब हम मंदिर की ख्याति और वहां होने वाली आय की तुलना पुजारियों की दयनीय स्थिति से करते हैं। भक्तों द्वारा दिए गए दान का एक बड़ा हिस्सा पुजारियों के कल्याण पर खर्च होना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद धर्मस्व विभाग और मंदिर ट्रस्ट प्रशासन पुजारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के लिए क्या कदम उठाता है।

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