फांसी से राहत: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बदला निचली अदालत का फैसला, दुष्कर्म और हत्या के दोषी की मृत्युदंड की सजा आजीवन कारावास में तब्दील!…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक जघन्य मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म और हत्या के दोषी की फांसी की सजा को ‘प्राकृतिक मृत्यु’ तक आजीवन कारावास में बदल दिया है। निचली अदालत (विशेष न्यायालय) ने आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई थी। नियमानुसार, इस मृत्युदंड की पुष्टि (Confirmation) के लिए मामला हाई कोर्ट पहुँचा था, जहाँ विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को बड़ी राहत प्रदान की है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया। हाई कोर्ट ने माना कि अपराध निसंदेह गंभीर है, लेकिन इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी में फांसी के लिए पर्याप्त नहीं मानते हुए सजा में बदलाव किया। अब दोषी को अपनी शेष प्राकृतिक जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे ही बितानी होगी। कोर्ट का यह फैसला कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें सजा की प्रकृति को उम्रकैद के सबसे कड़े स्वरूप में रखा गया है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यद्यपि फांसी की सजा को रद्द किया गया है, लेकिन दोषी को मिलने वाला आजीवन कारावास अब उसकी अंतिम सांस तक जारी रहेगा। इसका अर्थ है कि उसे सामान्य उम्रकैद की तरह समय से पहले रिहाई की पात्रता नहीं मिल पाएगी। यह फैसला अपराध के प्रति कड़ा संदेश देने के साथ-साथ न्यायिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

