फूटा गुस्सा: कलेक्ट्रेट में लोगों ने जमीन पर पटक कर तोड़े ‘स्मार्ट मीटर’, बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी से थे नाराज…NV News
Share this
दुर्ग/भिलाई, 2 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे नए ‘स्मार्ट मीटर’ (Smart Meter) के खिलाफ जनता का आक्रोश अब सड़कों से होते हुए सीधे कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया है। लगातार दो महीनों से बिजली बिलों में हो रही बेतहाशा और भारी-भरकम वृद्धि से परेशान होकर बुधवार को भिलाई के वार्ड क्रमांक 29 (अर्जुन नगर) के सैकड़ों रहवासियों ने दुर्ग कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार हंगामा किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम के दौरान अपनी नाराजगी जताने पहुंचे पुरुषों और महिलाओं ने परिसर के भीतर ही अपने साथ लाए स्मार्ट मीटरों को जमीन पर पटक-पटक कर तोड़ दिया।
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस अप्रत्याशित प्रदर्शन से वहां हड़कंप मच गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब से उनके घरों में सामान्य मीटरों को बदलकर डिजिटल स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से उनका मासिक बिजली बिल सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़कर आ रहा है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए इस चिलचिलाती गर्मी में इतना भारी बिल चुकाना पूरी तरह से नामुमकिन हो गया है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
आक्रोशित प्रदर्शन और मीटर तोड़ने के बाद, नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से रहवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि:
भिलाई और दुर्ग क्षेत्र में अचानक बढ़े हुए सभी बिजली बिलों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच (Technical Audit) कराई जाए।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उपभोक्ताओं को राहत दी जाए और उनके बिजली कनेक्शन न काटे जाएं।
यदि स्मार्ट मीटरों की रीड़िंग में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो तत्काल पुराने मीटरों को वापस लगाया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता की जेब पर डाका डालने जैसा माध्यम बनते जा रहे हैं। यदि जिला प्रशासन और बिजली कंपनी (CSPDCL) ने तीन दिनों के भीतर इस समस्या का उचित निराकरण नहीं किया और बढ़े हुए बिलों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन पूरे दुर्ग-भिलाई संभाग में और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा। कलेक्टर ने नागरिकों की समस्याओं को ध्यान से सुना और बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता को बिलों की तत्काल री-चेकिंग करने के निर्देश जारी किए हैं।

