खाकी शर्मसार: सड़क हादसे में देरी से पहुंची डायल-112 की टीम, पीड़ितों से अभद्रता करने वाला आरक्षक संदीप शर्मा सस्पेंड….NV News

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रायपुर, 2 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पीड़ित नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए संचालित ‘डायल-112’ (Dial-112) सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक सड़क हादसे के दौरान मौके पर बेहद देरी से पहुंचने और दर्द से कराह रहे पीड़ितों की मदद करने के बजाय उनसे बदसलूकी व अमर्यादित व्यवहार करने के आरोप में पुलिस विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर डायल-112 वाहन में पदस्थ आरक्षक (Constable) संदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर के एक मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों और पीड़ितों ने आपातकालीन सेवा डायल-112 को सूचना दी। नियमतः आपातकालीन वाहन को चंद मिनटों के भीतर मौके पर पहुंचना था, लेकिन टीम काफी लेटलतीफी के बाद घटनास्थल पर पहुंची।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मंचा हड़कंप

जब मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ितों ने देरी से आने का कारण पूछा, तो आरक्षक संदीप शर्मा मदद करने और संवेदनशीलता दिखाने के बजाय पीड़ितों पर ही भड़क गए। उन्होंने पीड़ितों और वहां उपस्थित नागरिकों के साथ बेहद अमर्यादित और अभद्र व्यवहार किया। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

देखते ही देखते बदसलूकी का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद रायपुर पुलिस प्रशासन की चौतरफा किरकिरी होने लगी। मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। प्राथमिक जांच में आरक्षक के व्यवहार को अनुशासनहीनता और पुलिस की छवि धूमिल करने वाला पाया गया, जिसके बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया।

कड़ा संदेश: पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी, लापरवाही या जनता के साथ दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डायल-112 जैसी संवेदनशील विंग का मुख्य काम संकट में फंसे नागरिकों को तत्काल राहत पहुंचाना है, न कि उनके साथ विवाद करना।

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