आशियानों पर आफत: रायपुर के नकटी में बरपा बुलडोजर का कहर, आंसुओं के मलबे में दफन हुईं बरसों की यादें…NV News
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NV News रायपुर, 30 जून 2026। राजधानी रायपुर के पास बसे नकटी गांव में अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई को अंजाम दिया है। पूरे गांव को तीन किलोमीटर दूर से ही बैरिकेड्स लगाकर छावनी में तब्दील कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। जैसे ही सूर्योदय के साथ बुलडोजर ने कच्चे-पक्के आशियानों को रौंदना शुरू किया, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। बरसों की जमा-पूंजी से बनाए अपने घरों को बचाने के लिए ग्रामीण बुलडोजर के सामने खड़े हो गए, जिन्हें पुलिस बल ने जबरन मौके से हटाया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया, लेकिन सुरक्षा बल हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर के सहारे खुद को बचाते हुए कार्रवाई में जुटे रहे।
ग्रामीणों का दर्द है कि वे मकान टूटने के खौफ से पिछले दो दिनों से सो भी नहीं पाए थे। पीड़ितों के मुताबिक, उन्होंने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की थी, जिन्होंने चार महीने तक कार्रवाई न होने का भरोसा दिया था, लेकिन प्रशासन ने चार दिन भी इंतजार नहीं किया। कार्रवाई में कई बड़ी खामियां भी दिखीं; टिकेश्वरी नाम की युवती का घर बिना लिस्ट में नाम हुए ही ढहा दिया गया, जिस पर अधिकारियों ने बाद में फ्लैट देने का आश्वासन दिया। नगर निगम की गाड़ियों से पीड़ितों का घरेलू सामान और मवेशी नवा रायपुर के सेक्टर 30 स्थित फ्लैट्स में शिफ्ट किए जा रहे हैं, लेकिन बड़े परिवारों का कहना है कि वे छोटे से फ्लैट में कैसे गुजर-बसर करेंगे।
कई बेघर परिवार अपने ढहे हुए घरों के मलबे के पास ही रात गुजारने को मजबूर हैं, जिनकी आंखों के आंसू अब सूख चुके हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित लोगों को व्यवस्थित आवास दिया जाएगा। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारी लाउडस्पीकर से ग्रामीणों को कानून का हवाला देकर शांत रहने की समझाइश देते रहे। दुख के इस माहौल में समाज कल्याण विभाग की गाड़ियों से आई कुछ महिलाओं ने पीड़ितों के बीच मुर्रा (परमल) और पानी बांटकर उनका दर्द बांटने की छोटी सी कोशिश की।

