गहराया डीजल संकट: 10 से अधिक पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड, गैलन और बोतलों में ईंधन देने पर लगी रोक…NV News

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NV News- ईंधन संकट (Fuel Crisis): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत की अपील के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है। जिले के 10 से अधिक प्रमुख पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे किसानों और मालवाहक वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैलन, डिब्बों या बोतलों में डीजल देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल वाहनों की टंकी में ही ईंधन भरा जा रहा है, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल: एक ओर जहाँ आम जनता एक-एक लीटर डीजल के लिए भटक रही है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के अधिकारियों पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बालोद जिले में पदस्थ कई आला अधिकारी जिला मुख्यालय में रहने के बजाय अन्य शहरों से आवागमन कर रहे हैं। इन अधिकारियों द्वारा शासकीय वाहनों का उपयोग व्यक्तिगत यात्राओं के लिए किए जाने से डीजल की खपत जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है। मुख्यालय में निवास न करने के कारण न केवल सरकारी खजाने पर बोझ पड़ रहा है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में उनकी उपलब्धता पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

वर्तमान में बालोद जिला मुख्यालय सहित गुरूर, गुंडरदेही और डौंडीलोहारा क्षेत्र के कई पंपों पर ‘डीजल खत्म’ के बोर्ड लटक रहे हैं। खेती-किसानी के सीजन के करीब होने के कारण ट्रैक्टर मालिकों में भारी चिंता देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं की और सरकारी वाहनों की फिजूलखर्ची पर लगाम नहीं लगाई, तो आने वाले दिनों में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है। फिलहाल, लोग डिपो से तेल के टैंकर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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