Canal Mystery: इमलीडुग्गू बाईपास नहर के पास मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या या खुदकुशी? पहचान और मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी कोतवाली पुलिस…NV News

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NV News- Korba Canal Mystery (कोरबा नहर रहस्य): छत्तीसगढ़ का औद्योगिक जिला कोरबा एक बार फिर एक संदिग्ध और सनसनीखेज मौत के मामले से दहल उठा है। कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इमलीडुग्गू बाईपास रोड के पास स्थित नहर के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। नहर किनारे लाश होने की खबर जैसे ही आसपास के बस्तियों और राहगीरों को लगी, वहां देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने फौरन इसकी सूचना डायल 112 और कोतवाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के चारों ओर सुरक्षा घेरा (घेराबंदी) बनाया ताकि वहां मौजूद किसी भी प्रकार के भौतिक साक्ष्यों या सुरागों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मौत के पीछे छिपे गहरे रहस्य से पर्दा उठाने के लिए हर संभावित एंगल से सघन तफ्तीश शुरू कर दी है।

पूरी घटना के विवरण के अनुसार, इमलीडुग्गू बाईपास मार्ग से सुबह के वक्त गुजरने वाले कुछ स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को नहर के किनारे एक इंसानी शरीर संदिग्ध अवस्था में पड़ा हुआ दिखाई दिया। जब कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाकर पास जाकर देखा, तो पता चला कि उस व्यक्ति की धड़कनें रुक चुकी थीं और वह मृत अवस्था में वहां पड़ा था। मृतक की उम्र और उसके शरीर पर किसी चोट या संघर्ष के निशान हैं या नहीं, इसे लेकर पुलिस अभी बेहद गोपनीयता बरत रही है। चूंकि शव के पास से अब तक ऐसा कोई भी दस्तावेज, पहचान पत्र, पर्स या मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है जिससे उसकी पहचान तुरंत की जा सके, इसलिए पुलिस ने प्राथमिक तौर पर इसे मर्ग कायम कर ‘अज्ञात शव’ की श्रेणी में रखा है। इस लावारिस लाश के मिलने के बाद से इमलीडुग्गू और आसपास के रिहायशी इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं और कयासों का बाजार गर्म है।

कोतवाली थाना पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उनकी सबसे पहली और मुख्य प्राथमिकता मृतक व्यक्ति की सही पहचान (शिनाख्त) करना है। पुलिस का मानना है कि जब तक यह पता नहीं चल जाता कि यह व्यक्ति कौन है और कहां का रहने वाला है, तब तक मौत की असली वजहों तक पहुंचना बेहद मुश्किल है। पहचान की कार्रवाई को तेज करने के लिए कोरबा पुलिस की एक टीम जिले के साथ-साथ आसपास के सीमावर्ती जिलों (जैसे जांजगीर-चांपा, बिलासपुर और कवर्धा) के सभी थानों से संपर्क साध रही है। पिछले कुछ दिनों के भीतर संबंधित थानों में दर्ज कराई गई गुमशुदगी (Missing Person Reports) के रिकॉर्ड और फाइलों को खंगाला जा रहा है, ताकि मृत व्यक्ति के हुलिए और कपड़ों का मिलान किया जा सके। इसके साथ ही, सोशल मीडिया ग्रुप्स और व्हाट्सएप के जरिए भी मृतक की तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं ताकि उसके परिजनों का पता लगाया जा सके।

यह पूरा मामला केवल एक सामान्य मौत का है या इसके पीछे किसी शातिर अपराधी का हाथ है, यह सवाल पूरे कोरबा में गूंज रहा है। घटनास्थल की स्थिति को देखकर पुलिस दो मुख्य बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है। पहला बिंदु यह है कि क्या यह हत्या (मर्डर) का मामला है? आशंका जताई जा रही है कि किसी और स्थान पर वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्यों को छुपाने या पुलिस को गुमराह करने के इरादे से लाश को लाकर इमलीडुग्गू बाईपास नहर के सुनसान किनारे फेंक दिया गया हो। दूसरा बिंदु यह भी हो सकता है कि व्यक्ति ने नहर में कूदकर खुदकुशी की हो या पैर फिसलने से डूबने के कारण उसकी मौत हुई हो और पानी के बहाव के साथ शव किनारे आ लगा हो। इन सभी सवालों और रहस्यों का सटीक जवाब केवल और केवल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट से ही मिल पाएगा। पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद जिला अस्पताल के मर्चुरी हाउस में सुरक्षित रखवा दिया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा शव का विच्छेदन किया जाएगा।

इसके अलावा, कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने के लिए इमलीडुग्गू बाईपास रोड और उससे जुड़ने वाले मुख्य मार्गों पर लगे सभी सरकारी और निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर उस नहर के पास कौन-कौन से संदिग्ध वाहन या व्यक्ति देखे गए थे। पुलिस मुखबिर तंत्र (इंटेलिजेंस) को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने और व्यक्ति की शिनाख्त होते ही इस अंधे कत्ल या संदिग्ध मौत की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों के भीतर सुलझा लिया जाएगा। बहरहाल, इस घटना ने औद्योगिक नगरी कोरबा में सुरक्षा और गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं, और स्थानीय नागरिक अब जल्द से जल्द इस रहस्यमयी मौत के खुलासे की मांग कर रहे हैं।

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