सोशल मीडिया पर अचानक पैदा हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की गूंज अब विदेशों तक, जानिए बीबीसी ने इस अनोखे विरोध पर क्या कहा!…NV News
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NV News- भारत में राजनीतिक दलों का इतिहास आमतौर पर बड़े सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा रहा है, लेकिन हाल ही में देश के डिजिटल स्पेस में एक ऐसी अनोखी पार्टी का उदय हुआ है जिसने सबको हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर अचानक 16 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का जन्म हुआ। देखते ही देखते यह एक बड़े डिजिटल आंदोलन में बदल गया और अब इसकी चर्चा देश की सीमाओं को लांघकर विदेशी मीडिया तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान बीबीसी ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत के युवाओं के एक नए और तीखे ऑनलाइन कटाक्ष प्रोजेक्ट के रूप में देखा है।
दरअसल, इस अनोखी पार्टी के वजूद में आने की कहानी देश की सर्वोच्च अदालत की एक तल्ख टिप्पणी से जुड़ी हुई है। 15 मई को भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा था कि समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं। उन्होंने आगे कहा था कि कुछ युवा ऐसे हैं, जो रोजगार नहीं मिलने और पेशे में जगह न बना पाने के कारण कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं। चीफ जस्टिस की इसी ‘कॉकरोच’ वाली उपमा से आहत होकर युवाओं ने इसे एक डिजिटल हथियार बना लिया।
विदेशी मीडिया और विश्लेषकों का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ महज एक मीम या मजाक नहीं है, बल्कि यह बेरोजगारी और न्यायपालिका के बयानों के खिलाफ पढ़े-लिखे युवाओं का एक शांतिपूर्ण लेकिन बेहद चुभता हुआ विरोध प्रदर्शन है। युवाओं ने इस नाम को एक सिंबल की तरह अपना लिया है ताकि वे व्यवस्था को आईना दिखा सकें। सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को जिस तरह का वैश्विक कवरेज मिल रहा है, उससे यह साफ है कि भारतीय युवाओं का यह डिजिटल सटायर (व्यंग्य) अब दुनिया भर में व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताने का एक नया मॉडल बनकर उभर रहा है।

