वनांचल में प्यास बुझाने की बड़ी तैयारी: मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा बस्तियों में जल क्रांति, 113 नए बोरवेल से बुझेगी हलक की प्यास…NV News
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NV News- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सुदूर वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजाति ‘पहाड़ी कोरवा’ बाहुल्य क्षेत्रों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता के बाद प्रशासन ने इन दुर्गम इलाकों में पेयजल संकट को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया है। योजना के तहत जिले की विभिन्न बसाहटों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से उन ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा, जिन्हें अब तक पथरीले रास्तों से होकर झरिया और नालों का असुरक्षित पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में सरगुजा दौरे के दौरान जिला कलेक्टर को सख्त निर्देश दिए थे कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया था कि भौगोलिक बाधाएं विकास के रास्ते में रोड़ा नहीं बननी चाहिए। मुख्यमंत्री की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए पीएचई विभाग और जिला प्रशासन ने उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है, जहां गर्मी के दिनों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। इन 113 नए जल स्रोतों के बन जाने से न केवल लोगों को साफ पानी मिलेगा, बल्कि महिलाओं का श्रम और समय भी बचेगा।
प्रशासनिक स्तर पर बोरवेल खुदाई का काम जल्द शुरू करने की तैयारी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि आने वाले भीषण गर्मी के मौसम से पहले ही ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। यह पहल ‘सुशासन’ के उस संकल्प को दोहराती है, जहां सरकार सीधे जनता की बुनियादी जरूरतों से जुड़कर समाधान निकाल रही है। पहाड़ी कोरवा समुदायों में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य और सुविधा की दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार साबित होगा।
