मासूमों की ‘सौदागरी’ पर पुलिस का कड़ा प्रहार: कान्हा के जंगलों से 13 बैगा आदिवासी बच्चे रेस्क्यू, 10 गिरफ्तार…NV News

Share this

NV News- छत्तीसगढ़ में आदिवासी बच्चों के शोषण के एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का पर्दाफाश हुआ है। कवर्धा और रायपुर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 13 नाबालिग बैगा आदिवासी बच्चों को नरकभरी जिंदगी से आजाद कराया है। इन मासूमों को कान्हा नेशनल पार्क के घने जंगलों में हिंसक जानवरों के बीच मवेशी चराने के लिए झोंक दिया गया था, जहां हर पल उनकी जान पर खतरा मंडराता रहता था। पुलिस और ‘असिस्टेंट फॉर वॉलेंट्री एक्शन’ (AVA) की टीम ने मिलकर इस घिनौने रैकेट को ध्वस्त किया और 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब पुलिस को इन बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार की गुप्त सूचना मिली। जांच में पता चला कि आरोपी भोले-भले आदिवासी बच्चों को बहला-फुसलाकर या लालच देकर ले जाते थे और उनसे जंगलों में बंधुआ मजदूरी जैसा काम कराते थे। बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से दूर रखा गया था और उनके जीवन की सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। रेस्क्यू किए गए बच्चे विशेष पिछड़ी जनजाति ‘बैगा’ से ताल्लुक रखते हैं, जिनके संरक्षण के लिए सरकार विशेष प्रयास करती है।

फिलहाल, सभी 13 बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजकर उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है। गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मानव तस्करी और शोषण के खेल में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को बाल संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता बताया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी जांच तेज कर दी गई है, जिससे आने वाले समय में इस तरह के शोषण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

Share this

You may have missed