World Youth Skills Day: कौशल विकास में छत्तीसगढ़ का कमाल, 4.94 लाख युवाओं को मिली ट्रेनिंग; नवा रायपुर में बनेगा विश्वस्तरीय ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’…NV News

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NV News रायपुर। “कौशल ही आज के समय की सबसे बड़ी पूंजी है। जिस युवा के पास हुनर है, उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है।” इसी विजन के साथ छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी और उद्योगों की मांग के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है। विश्व युवा कौशल विकास दिवस के अवसर पर राज्य में कौशल विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं, जो राज्य को देश में स्किल हब के रूप में स्थापित कर रही हैं।

लगभग 5 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण, 2.74 लाख से अधिक को मिला रोजगार

राज्य में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को केवल ट्रेनिंग ही नहीं दी जा रही, बल्कि उनकी आजीविका भी सुनिश्चित की जा रही है।

कुल प्रशिक्षित युवा: योजना की शुरुआत से अब तक प्रदेश के 4,94,330 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

रोजगार की गारंटी: प्रशिक्षित युवाओं में से 2,74,934 युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा गया है।

सक्रिय प्रशिक्षण: वर्तमान में राज्यभर में 375 व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (199 सरकारी और 176 गैर-सरकारी) के माध्यम से नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत हाई-क्वालिटी ट्रेनिंग दी जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े: इस वित्तीय वर्ष में अब तक 9,418 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जिनमें से 7,528 युवा नौकरी पा चुके हैं और 6,679 छात्र अभी भी अलग-अलग कोर्स कर रहे हैं।

बदलती दुनिया के साथ बदले कोर्स: EV, AI और ड्रोन की पढ़ाई

पारंपरिक कोर्स के अलावा बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने नई पीढ़ी की जरूरतों के हिसाब से अत्याधुनिक कोर्स शामिल किए हैं। अब राज्य के युवाओं को निम्नलिखित क्षेत्रों में 21वीं सदी की ट्रेनिंग मिल रही है:

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मेंटेनेंस

ड्रोन ऑपरेटर और मैकेनिक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI-ML)

साइबर सुरक्षा (Cyber Security)

सूर्यमित्र (सौर ऊर्जा प्रशिक्षण)

जल वितरण संचालक (Water Distribution Operator): इस साल शुरू हुए इस विशेष कोर्स में 2,770 युवाओं को ट्रेनिंग देकर सीधे रोजगार दिया जाएगा।

गुणवत्ता और पारदर्शिता: ओजेटी और बायोमेट्रिक अनिवार्य

ट्रेनिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बेहद कड़े और व्यावहारिक कदम उठाए हैं:

ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT): अब हर छात्र के लिए मूल्यांकन से पहले न्यूनतम 7 दिनों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है, ताकि वे उद्योगों की कार्यप्रणाली को सीधे समझ सकें।

सीसीटीवी और बायोमेट्रिक: सभी सेंटर्स में फेस-बायोमेट्रिक अटेंडेंस और आईपी-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित हो रहा है।

नियोजन-आधारित भुगतान: ट्रेनिंग सेंटर्स को कुल राशि का 60% भुगतान तभी किया जाता है, जब वे प्रशिक्षित बच्चों का प्लेसमेंट (नियोजन) करवा देते हैं।

बस्तर के वनांचलों तक पहुंचा कौशल विकास

दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए बस्तर संभाग के हर ब्लॉक में स्किल डेवलपमेंट सेंटर (SDC) स्थापित किए जा रहे हैं। बीजापुर जिले में ‘असिस्टेंट मेसन’ कोर्स शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, कांकेर और बीजापुर के 6 पुनर्वास केंद्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता के तौर पर रजिस्टर किया गया है।

ग्लोबल इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी और लाइवलीहुड कॉलेज

उद्योगों की जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) किए हैं:

महिंद्रा एंड महिंद्रा: इसके सहयोग से ट्रैक्टर मैकेनिक की ट्रेनिंग दी जा रही है।

साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी: इसके जरिए रायपुर के लाइवलीहुड कॉलेज में इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी सिखाई जा रही है।

नांदी फाउंडेशन: इसके माध्यम से 1,142 से अधिक सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स दी जा चुकी है।

लाइवलीहुड कॉलेज: राज्य के 26 जिलों में संचालित इन कॉलेजों से अब तक 68,552 युवा ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 39,452 युवा रोजगार/स्वरोजगार पा चुके हैं।

नवा रायपुर में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

छत्तीसगढ़ के युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक ‘लाइवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। यहाँ वर्ल्ड क्लास लैब्स और मॉडर्न वर्कशॉप्स के जरिए विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेनिंग दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना की भूमि लीज के लिए सरकार ने ₹2 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

इंडिया स्किल्स में छत्तीसगढ़ का दबदबा

छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। वर्ष 2025-26 की ईस्ट जोन रीजनल प्रतियोगिता (भुवनेश्वर) में छत्तीसगढ़ के 38 प्रतिभागियों ने 1 स्वर्ण, 2 रजत, 5 कांस्य और 4 मेडल ऑफ एक्सीलेंस समेत कुल 12 पदक जीते। इस शानदार प्रदर्शन और सफल आयोजन के लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

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