Chhattisgarh Weather Alert: राजिम, बलौदाबाजार, भाटापारा और राजनांदगांव में आफत की बारिश; मौसम विभाग ने कहा— आज उत्तर छत्तीसगढ़ में बरसेगा सावन…NV News
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NV News रायपुर, 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसूनी बादल पूरी तरह से मेहरबान हैं और प्रदेश भर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हो रही मध्यम से भारी वर्षा ने आम जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। मौसम विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मैदानी और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस मानसूनी सिस्टम के चलते बलौदाबाजार और राजिम क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं, जहां निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है।
बलौदाबाजार और राजिम में रिकॉर्डतोड़ मूसलाधार बारिश
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है:
बलौदाबाजार-भाटापारा: यहाँ सबसे अधिक 20 सेमी (200 मिलीमीटर) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे शहरी सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के रास्ते तालाब में तब्दील हो गए हैं।
राजिम: त्रिवेणी संगम नगरी राजिम और आसपास के क्षेत्रों में 18 सेमी (180 मिलीमीटर) भारी बारिश दर्ज हुई है, जिसके चलते महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
राजनांदगांव व अन्य जिले: राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद और रायपुर के कई हिस्सों में भी रात भर से अनवरत बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
आज उत्तर छत्तीसगढ़ में ‘ऑरेंज और येलो अलर्ट’
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि मानसून की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) इस समय छत्तीसगढ़ के मध्य भाग से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से आज यानी मंगलवार को उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) के जिलों— अंबिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, निचले इलाकों में निगरानी तेज
लगातार हो रही इस भारी बारिश को देखते हुए संबंधित जिलों के कलेक्टरों ने आपदा प्रबंधन (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले निचले इलाकों से लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों और राहगीरों से सख्त अपील की है कि वे उफनते हुए नदी-नालों, रपटों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। जलभराव की स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए नगर पालिक निगमों के अमले को नालियों की सफाई और पानी निकासी के काम में लगा दिया गया है।

