पक्के घर ने बदली जिंदगी: पीएम जनमन आवास योजना से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कृष्णा बैगा को मिला अपना आशियाना….NV News
Share this
NV News रायपुर/जीपीएम: किसी भी गरीब परिवार के लिए अपना खुद का सुरक्षित और पक्का घर केवल चार दीवारों का ढांचा नहीं होता, बल्कि यह समाज में सम्मान, सुरक्षा और एक बेहतर भविष्य की गारंटी होता है। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के ग्राम पंचायत पंडरीपानी के रहने वाले श्री कृष्णा बैगा के जीवन में भी केंद्र व राज्य सरकार की योजना से ऐसा ही एक बड़ा और सुखद बदलाव आया है। वर्षों तक जर्जर कच्चे मकान में बुनियादी दिक्कतों से जूझने वाले कृष्णा बैगा का पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। ‘प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना’ के जरिए मिले पक्के मकान ने उनके पूरे परिवार के जीवन में खुशियों का नया सवेरा ला दिया है।
कृष्णा बैगा ने बीते दिनों को याद करते हुए बताया कि वे लंबे समय से अपने परिवार के साथ मिट्टी और खपरैल के कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। ग्रामीण इलाकों में बारिश का मौसम आते ही मुसीबतें दोगुनी हो जाती थीं। छत से लगातार पानी टपकता था, दीवारों में सीलन भर जाती थी और सबसे बड़ा डर कच्चे घर में सांप, बिच्छू व अन्य विषैले जीवों के घुसने का बना रहता था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण स्वयं के खर्च पर पक्का मकान बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था।
साय सरकार की तत्परता से पूरा हुआ सपना
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर पहुंचीं, तो कृष्णा बैगा की किस्मत भी बदल गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की देखरेख और सतत निगरानी में उनका पक्का मकान समय सीमा के भीतर बनकर तैयार हो गया।
अब पक्के घर में शिफ्ट होने के बाद कृष्णा बैगा का परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और सरकार का आभार जताते हुए कहा, “अब हमें बरसात में न तो पानी टपकने की चिंता सताती है और न ही बच्चों की सुरक्षा का डर रहता है। पक्के मकान ने हमें सुकून और नया आत्मविश्वास दिया है।”
अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ और विशेष तौर पर जनजातीय समूहों के लिए ‘प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिला प्रशासन और जनपद पंचायतों के आपसी समन्वय से सुदूर वनांचल क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक इस लाभ को पहुंचाया जा रहा है। साय सरकार का मुख्य फोकस केवल आवास का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण व आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना, उन्हें सामाजिक सुरक्षा देना और उनके लिए विकास के नए रास्ते खोलना है।

