छत्तीसगढ़ में गहराया फ्यूल संकट! पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगी लिमिट, अब मिलेगा सिर्फ इतना ईंधन…NV News

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NV News- मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और तनावपूर्ण स्थितियों का सीधा असर अब भारत के घरेलू ईंधन बाजार पर दिखने लगा है। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति (Supply Crisis) को लेकर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका के चलते पेट्रोलियम कंपनियों ने राज्य के पेट्रोल पंप संचालकों को सतर्क कर दिया है और ईंधन के विवेकपूर्ण वितरण के निर्देश दिए हैं।

ताजा जानकारी के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों को मौखिक निर्देश जारी किए हैं कि वे ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही ईंधन उपलब्ध कराएं। इस नई व्यवस्था के तहत अब एक व्यक्ति या एक वाहन के लिए अधिकतम 50 लीटर फ्यूल की सीमा तय की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्टॉक को अचानक खत्म होने से बचाना और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) को रोकना है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक तेल मिलता रहे।

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अब चुनिंदा मशीनों से ही वितरण किया जा रहा है या लंबी कतारें देखी जा रही हैं। डीलर्स का कहना है कि कंपनियों से मिलने वाला कोटा कम कर दिया गया है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से कोई लिखित आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन मौखिक निर्देशों का पालन सख्ती से शुरू कर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है। फिलहाल, तेल कंपनियां और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। आम जनता को सलाह दी जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें और संयम बरतें, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

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