बंगाल चुनाव में छत्तीसगढ़ मॉडल की धूम: ‘महतारी वंदन’ योजना ने ढहाया ममता का किला…NV News

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NV News-  Raipur पश्चिम बंगाल के सियासी रणक्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के ‘महतारी वंदन’ फॉर्मूले का सफल प्रयोग कर ममता बनर्जी के मजबूत किले में बड़ी सेंध लगाई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में गेम-चेंजर साबित हुई महिला केंद्रित योजना को बंगाल की जमीनी हकीकत के हिसाब से ढालकर भाजपा ने महिला मतदाताओं का भरोसा जीतने में कामयाबी हासिल की। रायपुर से लेकर कोलकाता तक, भाजपा की इस चुनावी रणनीति ने यह साबित कर दिया है कि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) और महिला सशक्तिकरण के वादे अब चुनावों के सबसे मारक हथियार बन चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में इस योजना के जरिए महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता ने जिस तरह से सत्ता परिवर्तन किया था, ठीक उसी तर्ज पर बंगाल में भी भाजपा ने महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को अपना मुख्य एजेंडा बनाया। तृणमूल कांग्रेस की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के जवाब में भाजपा का छत्तीसगढ़ मॉडल अधिक प्रभावी और पारदर्शी विकल्प बनकर उभरा। रायपुर के रणनीतिकारों ने बंगाल के ग्रामीण इलाकों में इस मॉडल की बारीकियों को घर-घर पहुँचाया, जिससे दीदी के ‘वोट बैंक’ माने जाने वाले महिला वर्ग में भाजपा के प्रति एक नई लहर देखी गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की यह जीत केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास के ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। ‘महतारी वंदन’ के फॉर्मूले ने बंगाल में न केवल ममता बनर्जी की सत्ता को चुनौती दी, बल्कि वहां के सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह बदल कर रख दिया। छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं का बंगाल में जमीनी स्तर पर सक्रिय होना और अपनी सफल योजनाओं का प्रचार करना पार्टी के लिए संजीवनी साबित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बंगाल में ‘कमल’ की जड़ें और गहरी हो गई हैं।

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