बंगाल की मिठास: रसगुल्ला से लेकर संदेश तक, इन 5 मिठाइयों के बिना अधूरा है हर जश्न…NV News

Share this

NV News- पश्चिम बंगाल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ अपनी लाजवाब मिठाइयों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहाँ की मिठाइयों की खासियत उनका छेना (पनीर) और नलीगुड़ (खजूर का गुड़) का बेहतरीन संतुलन है। ‘रोशोगुल्ला’ की स्पंजी बनावट हो या ‘मिष्टी दोई’ का सोंधापन, बंगाल की हर गली में मिलने वाली ये मिठाइयां सिर्फ भोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि एक भावना हैं। जब भी मीठे का जिक्र होता है, तो बंगाल के कारीगरों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियाँ सबसे पहले जेहन में आती हैं।

इन मशहूर मिठाइयों में सोनदेश (Sandesh) और चमचम का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। सोनदेश को अक्सर केसर, पिस्ता और नलीगुड़ के विभिन्न स्वादों में तैयार किया जाता है, जो मुंह में जाते ही घुल जाता है। वहीं, पायश (Payesh), जिसे चावल की खीर का बंगाली रूप माना जाता है, शुभ अवसरों और जन्मदिनों पर विशेष रूप से बनाया जाता है। इन मिठाइयों का स्वाद इतना गहरा और संतुलित होता है कि एक बार चखने के बाद कोई भी इनका दीवाना हुए बिना नहीं रह सकता।

आज के समय में बंगाल की ये पारंपरिक मिठाइयां आधुनिक टच के साथ भी उपलब्ध हैं, लेकिन असली मजा कोलकाता की पुरानी दुकानों के पारंपरिक स्वाद में ही है। चाहे वह सर्दी के मौसम का खास जॉय नगरर मोआ हो या रस से भरी पंतुआ, बंगाल का मिष्ठान भंडार हर मीठा प्रेमी के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अगर आपने अब तक इन पांच मशहूर मिठाइयों का स्वाद नहीं चखा है, तो आपकी फूड बकेट लिस्ट निश्चित रूप से अधूरी है।

Share this

You may have missed