छत्तीसगढ़ के गांवों में आत्मनिर्भरता की नई पहल: अब हर गांव में तैयार होगा अपना ‘मैकेनिक’…NV News

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NV News- Raipur छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट से निपटने और ढांचागत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए साय सरकार ने एक बेहद व्यावहारिक कदम उठाया है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत अब गांवों में पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘विलेज मैकेनिक’ तैयार किए जाएंगे। इस योजना के लागू होने से अब गांवों में लगे हैंडपंप, बोरवेल और सोलर पंपों के खराब होने पर जिला मुख्यालय से मैकेनिक आने का हफ़्तों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गांव का स्थानीय युवा ही इन तकनीकी समस्याओं को तुरंत ठीक करने में सक्षम होगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक की जिला कलेक्टरों के साथ हुई हालिया बैठक में इस जमीनी स्तर की कार्ययोजना पर विशेष चर्चा की गई। योजना के तहत छत्तीसगढ़ के हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय युवाओं को चिन्हित कर उन्हें बोरवेल, सबमर्सिबल पंप और सोलर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के सुधार और रखरखाव (O&M) का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही गांवों के शासकीय आवासीय स्कूलों और छात्रावासों में भी शुद्ध पेयजल की निर्बाध व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मॉडल के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल पेयजल की उपलब्धता को लेकर स्थिरता आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। जब गांव का ही व्यक्ति इन उपकरणों की देखरेख करेगा, तो तकनीकी कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जा सकेगा, जिससे जल बर्बादी भी रुकेगी। जल स्रोतों की निरंतरता बनाए रखने और सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए यह छत्तीसगढ़ मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक बेहतरीन मिसाल साबित हो सकता है।

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