Chhattisgarh Investment News: विकसित छत्तीसगढ़ के लिए निवेश और पर्यटन पर जोर, मुख्यमंत्री साय बोले- राज्य में असीम संभावनाएं…NV News
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NV News रायपुर, 18 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में राज्य के विकास, निवेश, उद्योग, ऊर्जा और पर्यटन की संभावनाओं पर बात रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास उच्च गुणवत्ता वाले खनिज, बिजली और कुशल मानव संसाधन जैसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं, जो राज्य को निवेश के लिए अवसर प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर मिशन मोड में काम करने की बात कही है।
स्टील और ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के स्टील उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्य ने वर्ष 2030 तक स्टील उत्पादन को 45 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र को भी राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में वर्तमान में करीब 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। एनर्जी समिट के दौरान करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर काम आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में विद्युत उत्पादन क्षमता को 60 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें नई औद्योगिक नीति की महत्वपूर्ण भूमिका है। निवेशकों को पूंजी निवेश, ब्याज और तकनीक खरीद पर सब्सिडी के साथ स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
राज्य की औद्योगिक एवं निवेश नीतियों में विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रोत्साहन और सुविधाएं शामिल हैं।
बस्तर में पर्यटन की नई संभावनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बस्तर को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से समृद्ध है। लंबे समय तक क्षेत्र की पहचान नक्सल हिंसा से जुड़े घटनाक्रमों के कारण प्रभावित रही, लेकिन अब शांति और विकास के साथ पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बस्तर को उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए पहचान दिलाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
पर्यटन से स्थानीय रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी जरिया है। बस्तर में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसका लाभ विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है। साथ ही बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचने के अवसर मिलेंगे।
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 3,500 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और तेजी से विकसित हो रहा रेल नेटवर्क है। देश के विभिन्न हिस्सों तक माल की आवाजाही के लिए छत्तीसगढ़ की स्थिति उपयोगी है।
राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लॉजिस्टिक्स नीति भी तैयार की है। निवेश और व्यापार से जुड़ी नीतियों में लॉजिस्टिक्स को भी प्रमुख क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है।
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ को भी वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, अधोसंरचना और रोजगार के क्षेत्रों में संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

