Chhattisgarh Model: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी मॉडल का अध्ययन करने रायपुर पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल, सीएम साय से की मुलाकात….NV News

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NV News रायपुर: छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी नीतियों और कृषि विकास मॉडल की गूंज अब पड़ोसी राज्यों में भी सुनाई देने लगी है। राज्य के सफल कृषि प्रबंधन का ऑन-ग्राउंड अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र का एक उच्च स्तरीय विधायक प्रतिनिधिमंडल आज राजधानी रायपुर पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान महाराष्ट्र के विधायकों ने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के बजट को मजबूत करने वाली कल्याणकारी योजनाओं, कृषि सुधारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के छत्तीसगढ़ मॉडल को बारीकी से समझा। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला के प्रतीक ‘बस्तर आर्ट’ का स्मृति-चिन्ह भेंट कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

विस्तृत चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि छत्तीसगढ़ मूलतः एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां की एक बहुत बड़ी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी पर निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि छत्तीसगढ़ में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक दर से धान की खरीदी की जा रही है। इस खरीफ विपणन वर्ष में राज्य सरकार ने लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का रिकॉर्ड उपार्जन किया है, जो पूरे देश में धान खरीदी के सबसे बड़े और पारदर्शी अभियानों में से एक है।

मुख्यमंत्री ने इस विशाल व्यवस्था के प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र पूरी मुस्तैदी से संचालित किए जा रहे हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) से लेकर धान की तौल, परिवहन, बारदाना प्रबंधन और सीधे बैंक खाते में भुगतान (डीबीटी) तक की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है। इसके अलावा, कृषक उन्नति योजना और अन्य सहायक योजनाओं के माध्यम से किसानों को इनपुट सब्सिडी और समयबद्ध आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के इस बेहतरीन मैनेजमेंट को देखकर महाराष्ट्र के विधायक दल के सदस्यों ने इसकी मुक्त कंठ से सराहना की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के चार प्रमुख जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की पारंपरिक खेती करते हैं। उन्होंने माना कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल और प्रशासनिक प्रबंधन वास्तव में अनुकरणीय और देश के लिए एक नजीर है। यहां जिस सरलता और उचित मूल्य के साथ किसानों की उपज खरीदी जा रही है, वह किसानों के वास्तविक आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे सफल उदाहरण है। विधायकों ने इच्छा जताई कि वे इस पूरे मॉडल के तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर इसे महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी लागू करने की सिफारिश करेंगे।

इस महत्वपूर्ण और नीतिगत बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बीच इस तरह के अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के समग्र कृषि परिदृश्य को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अध्ययन भ्रमण से दोनों राज्यों को एक-दूसरे के बेहतरीन अनुभवों से सीखने का मौका मिलेगा। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे, संजय पुराम सहित छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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