CG School Safety Rules: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में तालाबंदी से पहले चप्पा-चप्पा खंगालेगा स्टाफ; कक्षा और शौचालय की जांच अनिवार्य, लापरवाही पर सीधे सस्पेंड होंगे प्रिंसिपल…NV News
Share this
NV News रायपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने एक बेहद सख्त सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। नए नियमों के मुताबिक, अब राज्य के किसी भी स्कूल में छुट्टी होने के बाद ताला लगाने से पहले पूरे परिसर का सघन निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। यह ऐतिहासिक कदम छात्रों के गलती से स्कूल परिसर या कमरों में बंद हो जाने अथवा किसी दुर्घटना की आशंका को शून्य करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य निर्देश: ताला लगाने से पहले क्या करना होगा अनिवार्य?
संचालनालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूल प्रबंधकों को निम्नलिखित प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना होगा:
सघन जांच: स्कूल के संस्था प्रमुख या प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल बंद करने से पहले सभी कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और विशेष रूप से शौचालयों (Toilets) की अच्छी तरह जांच की जाए।
नोडल कर्मचारी की जवाबदेही: हर स्कूल में प्रतिदिन रोटेशन के आधार पर एक शिक्षक या कर्मचारी को ‘नोडल’ नियुक्त किया जाएगा। इस नोडल कर्मचारी का यह व्यक्तिगत दायित्व होगा कि वह पूरी तसल्ली कर ले कि परिसर में कोई भी छात्र मौजूद नहीं है। जब तक यह पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक किसी भी मुख्य गेट या कमरे में ताला नहीं लटकाया जाएगा।
लापरवाही पर सीधे निलंबन: यदि कोई छात्र परिसर या वॉशरूम में बंद पाया जाता है, तो इसके लिए संबंधित नोडल कर्मचारी और प्राचार्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए उन पर तत्काल सस्पेंशन (निलंबन) की गाज गिरेगी।
भीड़ नियंत्रण और मानसून सुरक्षा पर विशेष फोकस
गेट पर शिक्षकों की ड्यूटी: छुट्टी के समय स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर शिक्षकों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। वे गेट पर होने वाली छात्रों की भीड़ और धक्का-मुक्की को नियंत्रित करेंगे ताकि छोटे बच्चे सुरक्षित बाहर निकल सकें और कोई अप्रिय घटना न हो।
वर्षाकालीन सुरक्षा ऑडिट: बारिश के मौसम में गीली दीवारों से करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी स्कूलों में खुले बिजली के तारों को दुरुस्त करने, परिसरों में जलजमाव रोकने और खुले पड़े गड्ढों या बोरवेल को तत्काल बंद कराने के कड़े आदेश दिए गए हैं। जर्जर हो चुके स्कूल भवनों और कमरों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।

