आफत की बारिश, पहली ही बौछार ने खोली व्यवस्थाओं की पोल: रेलवे स्टेशन के शेड से बहने लगा ‘झरना’; कई अंडरब्रिज जलमग्न…NV News
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NV News रायपुर, 5 जुलाई 2026। राजधानी रायपुर में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों और प्रशासनिक तैयारियों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। मूसलाधार बारिश के चलते जहां शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख अंडरब्रिजों में पानी भर गया है, वहीं सबसे बदतर और हैरान करने वाली स्थिति देश के ए-1 श्रेणी में शुमार रायपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली। यहाँ प्लेटफॉर्म की छत से इस कदर पानी टपका कि यात्रियों को स्टेशन के भीतर ही छाता तानने पर मजबूर होना पड़ा।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बहा ‘झरना’, यात्रियों को भागकर बचानी पड़ी जान
शनिवार-रविवार को हुई झमाझम बारिश के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 का नजारा किसी पहाड़ी झरने जैसा नजर आने लगा। प्लेटफॉर्म की मुख्य शेड (छत) के टूट-फूट और लीकेज के कारण ऊपर से भारी मात्रा में पानी सीधे नीचे गिरने लगा।
यात्री परेशान: पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पूरा प्लेटफॉर्म देखते ही देखते तालाब में तब्दील हो गया।
फिसलन का खतरा: जलभराव के साथ-साथ प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक फिसलन हो गई, जिसके कारण ट्रेन पकड़ने आए यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग अपना सामान भीगने से बचाने और सुरक्षित स्थान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए।
इस पूरी बदइंतजामी का वीडियो वहां मौजूद यात्रियों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग रेलवे प्रशासन के रखरखाव और करोड़ों रुपये के बजट पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
शहर के अंडरब्रिज डूबे, यातायात ठप
स्टेशन के अलावा मूसलाधार बारिश ने रायपुर शहर की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। ड्रेनेज सिस्टम (निकासी व्यवस्था) चोक होने के कारण शहर के कई प्रमुख अंडरब्रिज पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं:
जमीनी हालात: अंडरब्रिज में कई फीट पानी भर जाने के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। कुछ गाड़ियां पानी के बीच ही बंद हो गईं, जिन्हें धक्का मारकर बाहर निकालना पड़ा।
मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगर नगर निगम और रेलवे प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो राजधानी वासियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

