जंगल में खूनी संघर्ष: तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीण पर भालू का जानलेवा हमला, बेटी के सामने पिता ने तोड़ा दम…NV News
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NV News- गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर इलाके में जंगली भालू के आतंक ने एक परिवार को जीवन भर का जख्म दे दिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण के सीजन के बीच एक ग्रामीण की भालू के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस वक्त हुई जब ग्रामीण अपनी बेटी के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ रहा था। अचानक हुए इस हमले में ग्रामीण को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद से वन क्षेत्र से लगे गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित ग्राम गौरगांव निवासी सुकनाथ मंडावी (45) रविवार सुबह अपनी बेटी के साथ मासूलकोय जंगल की ओर गए थे। दोनों पिता-पुत्री तेंदूपत्ता संग्रहण के काम में जुटे थे, तभी झाड़ियों के पीछे से एक आदमखोर भालू ने अचानक सुकनाथ पर हमला कर दिया। बेटी ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की और शोर भी मचाया, लेकिन भालू इतना आक्रामक था कि उसने सुकनाथ को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल के भीतर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद अन्य लोग मौके की ओर दौड़े, जिन्हें देखकर भालू जंगल की गहराई में भाग गया। हालांकि, तब तक सुकनाथ की मृत्यु हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विभाग ने पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
टाइगर रिजर्व के कोर और बफर जोन में वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता के कारण ग्रामीण डरे हुए हैं। खासकर तेंदूपत्ता संग्रहण के समय ग्रामीणों का जंगल में जाना अनिवार्य होता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं और समूह बनाकर ही आवाजाही करें। विभाग अब उस इलाके में भालू की मौजूदगी पर नजर रख रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अन्य अनहोनी को टाला जा सके।
