भय का अंत, अब विकास का शंखनाद: गृहमंत्री अमित शाह ने किया पहले ‘सेवा डेरा’ का आगाज, कैंप बनेंगे जनसुविधा केंद्र….NV News
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NV News- बस्तर को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए जाने के बाद पहली बार यहाँ पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत की है। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने बस्तर में शांति स्थापना का पूरा श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों के पराक्रम, स्थानीय आदिवासियों के अटूट विश्वास और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा के जवानों ने जिस अद्भुत साहस के साथ कठिन परिस्थितियों में जंग लड़ी, उसी का परिणाम है कि आज बस्तर हिंसा के दौर से उबरकर प्रगति की राह पर है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने इस ऐतिहासिक दौरे की शुरुआत महान आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली नेतानार से की, जहाँ उन्होंने शहीद को नमन करने के बाद सीआरपीएफ (CRPF) कैंप में ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ जन सुविधा केंद्र का भव्य शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरकार ने ‘बस्तर 2.0 रूपरेखा’ (रोडमैप) को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत पूर्व में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए स्थापित किए गए कुल 196 सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंपों को अगले डेढ़ वर्षों के भीतर पूरी तरह से ‘सेवा शिविरों’ और जन सुविधा केंद्रों में तब्दील कर दिया जाएगा।
इन सेवा केंद्रों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) द्वारा बेहद आधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा। एक ही छत के नीचे ग्रामीणों को बैंकिंग, आधार सेवाएँ, राशन कार्ड, और स्वास्थ्य सुविधाएं जैसी 371 राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, आदिवासियों की आर्थिक उन्नति के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से हर गांव तक डेयरी मॉडल पहुंचाया जाएगा और महिलाओं को पशु दिए जाएंगे। दौरे का सबसे संवेदनशील और भावुक क्षण आसना स्थित बादल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला, जहाँ शाह ने नक्सल हिंसा के पीड़ितों और शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

