Chhattisgarh Jal Jeevan Mission: 2,875 पंचायतों में जलापूर्ति व्यवस्था तैयार, सिर्फ 600 को मिली संचालन की जिम्मेदारी…NV News

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NV News रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम जारी है। हालांकि, योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंपने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी नजर आ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदेश की 2,875 ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति व्यवस्था तैयार होने और सत्यापन पूरा होने के बावजूद करीब 600 पंचायतों को ही इसके संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जा सकी है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश की कुल 11,658 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत काम संचालित है। इनमें से 3,426 पंचायतों ने अपने क्षेत्र के सभी घरों तक नल से पानी पहुंचाने का काम शत-प्रतिशत पूरा होने का दावा किया है। इन पंचायतों में से 2,875 का सत्यापन भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करने और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी हस्तांतरित करने का काम अभी सीमित पंचायतों तक ही पहुंच पाया है।

जल अर्पण पोर्टल से होगी गांवों की जानकारी दर्ज

जल जीवन मिशन के तहत कार्यों की प्रगति और पूर्णता का रिकॉर्ड रखने के लिए केंद्र सरकार ने जल अर्पण पोर्टल तैयार किया है। यह पोर्टल 9 सितंबर से संचालित है। इसके माध्यम से उन गांवों की जानकारी दर्ज की जानी है, जहां जल जीवन मिशन के कार्य पूरे हो चुके हैं और नल से पानी की आपूर्ति का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, जिन गांवों में काम पूरा होने के बाद 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूरा हो गया है, उन्हें पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। ऐसे गांवों को ‘हर घर जल रिपोर्टेड गांव’ की श्रेणी में रखा जाता है। इसका उद्देश्य यह दर्ज करना है कि संबंधित गांव में घरों तक नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था स्थापित हो चुकी है।

पंचायतों की जिम्मेदारी क्यों है महत्वपूर्ण?

नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए नियमित रखरखाव, पाइपलाइन की मरम्मत, पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता पर निगरानी जैसी गतिविधियों की आवश्यकता होती है। पंचायतों को संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने से स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की देखरेख सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

प्रदेश में 2,875 पंचायतों का सत्यापन पूरा होने के बावजूद करीब 600 पंचायतों को ही जिम्मेदारी सौंपे जाने से स्पष्ट है कि निर्माण और सत्यापन के बाद संचालन की जिम्मेदारी हस्तांतरित करना भी एक महत्वपूर्ण चरण है। जल जीवन मिशन की दीर्घकालिक सफलता के लिए जरूरी होगा कि तैयार जलापूर्ति प्रणालियों का नियमित संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

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