37 करोड़ के DMF फंड पर बड़ा फैसला: शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की योजनाओं को मंजूरी; सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अधिकारियों को सख्त चेतावनी…NV News

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NV News रायपुर, 7 जुलाई 2026। रायपुर जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद के सदस्यों के बीच मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के आवंटन पर बड़ा फैसला लिया गया। इस राशि से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का कायाकल्प किया जाएगा।

जनकल्याणकारी योजनाओं को मिली हरी झंडी

बैठक के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल और परिषद के सदस्यों ने विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। व्यापक विचार-विमर्श के बाद जनहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई:

शिक्षा क्षेत्र का अपग्रेडेशन: सरकारी स्कूलों की मरम्मत, नए कमरों का निर्माण और प्रयोगशालाओं (Labs) को आधुनिक बनाने के लिए बजट स्वीकृत किया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा उपकरणों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।

पेजल संकट का समाधान: जिन क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत है, वहां नई नल-जल योजनाओं और बोरवेल स्थापना को मंजूरी दी गई।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर पूरा हो काम”

सांसद के कड़े निर्देश: रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में मौजूद जिला प्रशासन और विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि डीएमएफ फंड से स्वीकृत सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ और तय समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नकटी विवाद के बाद कलेक्ट्रेट में जुटी राजनीतिक सरगर्मी

उल्लेखनीय है कि रायपुर के नकटी गांव में हाल ही में हुए प्रशासनिक अतिक्रमण विरोधी अभियान और उसके बाद उपजे राजनीतिक विवाद के बीच यह जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर और बाहर भारी राजनीतिक सरगर्मी देखी गई। बैठक में कलेक्टर संबित मिश्रा सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और डीएमएफ शासी परिषद के मनोनीत सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सांसद अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता से सीधे जुड़े इन विकास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करें ताकि राशि का शत-प्रतिशत सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

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