Food Trends: बासी खाना भी हो सकता है अमृत! अगली सुबह गर्म करते ही दोगुना बढ़ जाता है इन 5 भारतीय डिशेज का स्वाद, जानें इसके पीछे का जायकेदार विज्ञान…NV News

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NV News- Leftover Food Magic (बासी खाने का स्वाद): हमारे भारतीय घरों में आमतौर पर यही सिखाया जाता है कि हमेशा गरमा-गरम और ताजा खाना ही खाना चाहिए। सेहत के लिहाज से यह बात काफी हद तक सही भी है, क्योंकि ताजा पका हुआ भोजन पौष्टिक और सुरक्षित होता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ ऐसी पारंपरिक भारतीय डिशेज (Indian Dishes) हैं, जिन्हें यदि रात में बचाकर रख दिया जाए और अगली सुबह दोबारा सही तरीके से गर्म किया जाए, तो उनका स्वाद ताजे पके हुए भोजन की तुलना में कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है? सोशल मीडिया और फूड व्लॉगिंग के इस दौर में अब ‘लेफ्टओवर फूड’ (बचा हुआ खाना) का यह ट्रेंड लोगों को खूब पसंद आ रहा है। शेफ और फूड एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि कुछ चुनिंदा पकवानों का असली जायका उनके बनने के 8 से 10 घंटे बाद ही निखरकर सामने आता है। आइए जानते हैं उन 5 भारतीय व्यंजनों के बारे में, जिनका स्वाद बासी होने पर दोगुना मजेदार हो जाता है और इसके पीछे का फूड साइंस क्या कहता है।

इस सूची में सबसे पहला और लोकप्रिय नाम आता है कढ़ी (जैसे पंजाबी कढ़ी या बेसन की कढ़ी) का। अक्सर घरों में कढ़ी-चावल दोपहर या रात के भोजन में बनाया जाता है। लेकिन जो लोग कढ़ी खाने के शौकीन हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि ताजी बनी कढ़ी की तुलना में रात की बची हुई बासी कढ़ी अगली सुबह अद्भुत लगती है। जब कढ़ी पूरी रात रखी रहती है, तो बेसन, खट्टी छाछ या दही और उसमें डाले गए मसालों (मेथी, हींग, जीरा) का मिश्रण आपस में पूरी तरह से रच-बस जाता है। इसके अलावा, कढ़ी में डूबे हुए पकोड़े रात भर उस गाढ़े झोल (ग्रेवी) को सोख लेते हैं, जिससे वे अंदर तक रसीले और बेहद सॉफ्ट हो जाते हैं। सुबह इसे थोड़ा सा पानी या घी डालकर कढ़ाई में दोबारा गर्म करने पर इसका खट्टापन और तीखापन एक परफेक्ट बैलेंस में आ जाता है।

दूसरी सबसे पसंदीदा चीज है छोले और राजमा। उत्तर भारत की शान कहे जाने वाले छोले-भटूरे या राजमा-चावल जब फ्रेश बनते हैं, तो उनकी ग्रेवी थोड़ी पतली या मसाले अलग-अलग लग सकते हैं। लेकिन जैसे ही ये डिशेज कुछ घंटों के लिए रखी रहती हैं, वैसे ही छोलों और राजमा के दानों के अंदर तक मसालों का अर्क और टमाटर-प्याज की प्यूरी का गाढ़ापन समा जाता है। अगली सुबह जब आप फ्रिज से राजमा या छोले निकालकर धीमी आंच पर गर्म करते हैं, तो ग्रेवी इतनी मखमली और गाढ़ी हो जाती है कि इसका स्वाद किसी भी फाइव स्टार होटल के खाने को मात दे सकता है। इसे सुबह परांठे या चावल के साथ खाना बेहद तृप्त करने वाला अनुभव होता है।

मांसाहारी शौकीनों की बात करें तो चिकन करी और मटन करी इस मामले में सबसे आगे हैं। नॉन-वेज लवर्स का तो साफ मानना होता है कि मीट करी को हमेशा खाने से कुछ घंटे पहले ही बना लेना चाहिए। इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण यह है कि पकने के तुरंत बाद मांस के रेशे (Fibers) पूरी तरह से मसालों को सोख नहीं पाते। रात भर ग्रेवी में डूबे रहने के कारण चिकन या मटन के पीस बेहद जूसी और टेंडर हो जाते हैं। मसालों का तीखापन, तेल और मीट का अपना प्राकृतिक फैट आपस में मिलकर एक गाढ़ा फ्लेवर प्रोफाइल तैयार करते हैं। अगली सुबह जब इस ठंडी करी को दोबारा आंच पर चढ़ाया जाता है, तो मीट हड्डियों को छोड़ने लगता है और ग्रेवी का हर चम्मच स्वाद का विस्फोट करता है।

इसी तरह, पारंपरिक भारतीय बिरयानी (Biryani) का स्वाद भी बासी होने पर अद्भुत हो जाता है। बिरयानी को दम देकर पकाया जाता है, जिसमें चावल, मीट या सब्जियां और खड़े मसाले परतों में सजे होते हैं। जब बिरयानी रात भर रखी रहती है, तो केवड़ा, केसर, पुदीना और तले हुए प्याज (बरिस्ता) की खुशबू चावल के एक-एक दाने के अंदर तक समा जाती है। सुबह के समय तवे पर थोड़ा सा घी डालकर या माइक्रोवेव में हल्का सा भाप देकर जब इस बिरयानी को दोबारा गर्म किया जाता है, तो इसकी महक पूरे घर में फैल जाती है और चावल का स्वाद ताजी बिरयानी से कहीं ज्यादा गहरा और स्वादिष्ट लगता है।

पांचवीं और आखिरी चीज है उड़द की दाल या दाल मखनी। पंजाब और देश के कोने-कोने में पसंद की जाने वाली दाल मखनी को जितना ज्यादा उबाला और रखा जाए, इसका टेक्सचर उतना ही मलाईदार होता जाता है। रात भर रखने से दाल के दाने और कस्तूरी मेथी, मक्खन व क्रीम का कॉम्बिनेशन पूरी तरह एकसार हो जाता है। अगली सुबह इसे गर्म करने पर दाल का सोंधापन दोगुना हो जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बासी खाने का मजा तभी तक है जब उसे सही तापमान (फ्रीजर या फ्रिज) में ढंककर रखा गया हो, ताकि उसमें बैक्टीरिया न पनपें। तो अगली बार अगर रात में इनमें से कोई भी डिश बच जाए, तो उदास होने के बजाय अगली सुबह इसके दोगुने स्वाद का आनंद लेने के लिए तैयार रहें।

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