Social Issues:- नशे की गिरफ्त में उजड़ता परिवार: बेबस मां ने आबकारी अधिकारी से लगाई गुहार— ‘साहब, मेरे बेटे को जेल भेज दो’….NV News

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NV News- युवा पीढ़ी में बढ़ती जा रही नशे की जानलेवा लत ने आज छत्तीसगढ़ के परिवारों को किस कदर तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है, इसका एक बेहद हृदयविदारक और संवेदनशील उदाहरण अंबिकापुर से सामने आया है। यहां के संभागीय आबकारी उड़नदस्ता कार्यालय में दोपहर करीब 12:30 बजे एक बेबस और लाचार मां अपने जवान बेटे को लेकर पहुंची। आंखों में बेतहाशा आंसू और चेहरे पर गहरी लाचारी लिए जब मां दफ्तर के भीतर दाखिल हुई, तो वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी सन्न रह गए। महिला ने रोते हुए प्रभारी अधिकारी के सामने हाथ जोड़ दिए और अपने ही कलेजे के टुकड़े को सलाखों के पीछे भेजने की ऐसी गुहार लगाई जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो उठा।

कार्यालय में मौजूद अधिकारियों के अनुसार, महिला अपने दो बेटों के साथ दफ्तर पहुंची थी, जिसमें से एक बेटा नशे की गंभीर गिरफ्त में था। प्रभारी अधिकारी के सामने बैठते ही मां का सबर टूट गया और वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसने रोते हुए कहा, “साहब, मेरे इस बेटे को जेल भेज दो, यह नशे की सुई (इंजेक्शन) का आदी हो चुका है। इसकी इस खौफनाक लत ने हमारा हंसता-खेलता घर पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।” मां ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि नशे के इंजेक्शन खरीदने के लिए बेटा घर का सारा कीमती सामान, बर्तन और पैसे तक चोरी कर चुका है और मना करने पर हिंसक हो जाता है।

अंबिकापुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में इन दिनों प्रतिबंधित नशीली दवाओं और कफ सिरप के साथ-साथ नशे के घातक इंजेक्शनों का अवैध कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। नशे के सौदागर स्कूली बच्चों और कॉलेज जाने वाले युवाओं को निशाना बना रहे हैं। पीड़ित मां ने आबकारी विभाग के सामने आरोप लगाया कि शहर के कुछ चिन्हित इलाकों में खुलेआम नशे के इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही हैं, जिसकी वजह से उनके बेटे जैसे कई मासूम युवाओं का जीवन अंधकार में डूब रहा है। महिला ने कहा कि वह अपने बेटे को अपराधियों की संगत और मौत के मुंह से बचाने के लिए मजबूरन पुलिस और आबकारी की शरण में आई है ताकि जेल में रहकर ही सही, उसका बेटा सुरक्षित रहे।

इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी उड़नदस्ता प्रभारी ने तत्काल महिला को ढांढस बंधाया और पानी पिलाकर शांत कराया। अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहां एक ओर पीड़ित युवक की काउंसलिंग कराने और उसे नशामुक्ति केंद्र (रिहैब सेंटर) भेजने का आश्वासन दिया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस को भी इस मामले से अवगत कराया। आबकारी विभाग ने महिला द्वारा बताए गए संदिग्ध ठिकानों और नशीली सुइयों की बिक्री करने वाले अवैध तस्करों के खिलाफ एक विशेष छापामार अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को इस दलदल से निकालने के लिए सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ ड्रग माफियाओं पर कड़ा प्रहार किया जाएगा।

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